डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड, दुष्यंत गौतम को सिक्किम _ छह राज्यों में नए गवर्नर की नियुक्ति

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में किए राज्यपालों के बदलाव, मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बिसेन लेंगे गुरमीत सिंह की जगह

देहरादून। उत्तराखंड के राजभवन में बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वह लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे। वहीं, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, छह राज्यों में नई नियुक्तियां की गई हैं, जो संबंधित राज्यपालों के पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी।

कौन हैं उत्तराखंड के नए राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन?

डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। उनका जन्म 14 मई 1952 को पिपरिया गांव में हुआ था। लंबे समय तक महाकौशल क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे बिसेन को विधायक, मंत्री और सांसद के रूप में काम करने का अनुभव है। राजनीति के अलावा उनका जुड़ाव चिकित्सा और कृषि क्षेत्र से भी रहा है।

चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में संभाले कई विभाग

बिसेन ने 1990, 1993, 1998 और 2003 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीते। उन्होंने राज्य सरकार में वन, परिवहन, स्कूल शिक्षा और जेल जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बालाघाट सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया और 2024 तक सांसद रहे। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव अब उत्तराखंड के संवैधानिक पद पर नई जिम्मेदारी के रूप में सामने आया है।

छह राज्यों में राज्यपालों की नई नियुक्तियां

राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, छह राज्यों में राज्यपालों के पदों पर ये बदलाव किए गए हैं।

उत्तराखंड_ डॉ. ढाल सिंह बिसेन

सिक्किम_ दुष्यंत गौतम

कर्नाटक _ डॉ. सुधा यादव

ओडिशा _ ब्रज मोहन राम

केरलम _ ओम प्रकाश माथुर

तमिलनाडु _ राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर

ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से केरलम और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरलम से तमिलनाडु भेजा गया है। अन्य चार नियुक्तियों में नए राज्यपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उत्तराखंड के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव ?

उत्तराखंड में राज्यपाल का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है। राज्यपाल विधानसभा के सत्र, विधेयकों और सरकार गठन जैसी प्रक्रियाओं में संविधान के अनुरूप भूमिका निभाते हैं। डॉ. बिसेन के कार्यकाल की शुरुआत के साथ राजभवन में नेतृत्व परिवर्तन होगा। उनके सामने अब संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।

गौरतलब है कि निवर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने सितंबर 2026 में अपने कार्यकाल के पांच वर्ष पूरे किए थे। उनके बाद अब राजनीतिक और विधायी अनुभव रखने वाले डॉ. बिसेन उत्तराखंड के राजभवन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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