खुले रहो, खिले रहो और अंदर से खाली रहो” ज्ञानानंद जी महाराज ने बताया सुखी जीवन का मंत्र

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हल्द्वानी। भुजियाघाट स्थित बलौट रिजॉर्ट, सूर्या झाला में मंगलवार को परम पूज्य गीता मनीष ज्ञानानंद जी महाराज के श्रीमुख से गीता सत्संग एवं योग, ध्यान और आयुर्वेद केंद्र का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण का अनुभव किया।

सत्संग के दौरान ज्ञानानंद जी महाराज ने जीवन को सरल, शांत और आनंदमय बनाने का संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति को हमेशा “खुले रहो, खिले रहो और अंदर से खाली रहो” के भाव के साथ जीवन जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहंकार, तनाव और नकारात्मकता को त्यागने से ही सच्ची शांति और आत्मिक आनंद प्राप्त होता है।

महाराज जी ने योग, ध्यान और आयुर्वेद को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए सभी को नियमित रूप से इन्हें अपनाने की प्रेरणा दी। भजन-कीर्तन और गीता प्रवचनों से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

कार्यक्रम को योगाचार्य डॉ. विपिन जोशी जी महाराज का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। आयोजन के संयोजक विकास किरौला एवं मैनेजर आकांक्षा आर्या ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

नव स्थापित योग, ध्यान एवं आयुर्वेद केंद्र के माध्यम से क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य, अध्यात्म और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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