कौन सुनेगा काश्तकारो का दुःख दर्द, एक तरफ बारिश ने तबाह की फसले तो दूसरी तरफ लोक निर्माण विभाग की लापरवाही..देखे विडियो

नरेन्द्र नगर टिहरी गडवाल (GKM News Sulemaan khan ) पहाड़ों में हर वर्ष आफत बनकर आने वाली बारिश जहाँ गर्मी से तपती धरती को अपनी बौछारों से तृप्त कर उस पर रहने वाले अनगिनत प्राणियों की प्यास बुझा देती है,वहीं बदले में ज़ख्म भी ऐसा दे डालती है,जो वर्षों तो क्या पीढियों तक भी नहीं भूले जाते.

ऐसा ही कुछ कर डाला है प्रकृति ने नरेन्द्रनगर विधानसभा के गांव नीर में, क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ग्राम नीर के काश्तकारों के खेत-खलिहान मलबे की भेंट चढ़ गये, बता दें कि नीर गांव के ऊपर से धारकोट-नीर मोटर मार्ग का निर्माण कार्य इन दिनों गतिमान है. ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने सड़क काटते हुए भारी मात्रा में मिट्टी को सडक़ की नीचे की तरफ फेंक दिया, नियमानुसार निर्धारित डंपिंग जोन नहीं बनाया,

फलत: भारी बारिश में यह मिट्टी गधेरे से होते हुए लोगों के खेत -खलियानों को रौंदते,तोड़ते व मलवे में तब्दील करते हुए,एक वीरान रगड़ का आकार दे गया, काश्तकारों के खेतों में लहलहाती हुई धान,मक्की व दालोंं की खडी़ फसलें मलवे की भेंट चढ़ गयी; आजीविका चलाने वाले पुश्तैनी खेतों के बरबाद होने से ग्रामीण काश्तकारों का गुस्सा लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार पर है, क्षेत्र के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने नीर गांव पहुंचकर बरसात से हुए
नुकसान का जायजा लिया, ग्रामीण काश्तकारों को उन्होंने ढा़ढस बंधाया कि नुकसान की भरपाई और गधेरे के दोनों और तटबंध बनवाने के लिए वे शासन और सरकार से बात करेंगे, बात न मानने पर पूर्व विधायक ने आंदोलन की धमकी भी दे डाली है, 1 दर्जन से अधिक लोगों के खेत-खलियान और फसलें बर्बाद हो गई.

प्रेमदास का मकान मलबे की भेंट चढ़ गया, मकान मलबे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया,
बयान ग्रामीण महिला जिसकी फसल और खेत बर्बाद हो गए
बयान – ओम गोपाल रावत , पूर्व विधायक



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GKM.News (EDITOR) UTTRAKHAND


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