राजकीय महाविद्यालय सतपुली में ‘व्यास पूजन, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर

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राजकीय महाविद्यालय सतपुली, पौड़ी गढ़वाल में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तराखंड प्रांत के तत्वावधान में ‘व्यास पूजन समारोह-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महर्षि वेदव्यास के जीवन, उनके योगदान और भारतीय ज्ञान परंपरा में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुई। मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने महर्षि वेदव्यास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय ज्ञान-संपदा को व्यवस्थित कर उसे समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य अतिथि एवं भारतीय शिक्षण मंडल के जिला संयोजक डॉ. आशीष उपाध्याय ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान बताते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थी के चरित्र, संस्कार, अनुशासन और विवेक को दिशा देने वाला होता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में ज्ञान के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ममता बेलवाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति और ज्ञान-विरासत से जुड़ने का आह्वान किया।

इस दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और आधुनिक शिक्षा में भारतीय चिंतन के समावेश जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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