ज्योलिकोट में अब तक क्या हुआ, हाईकोर्ट ने पूरी रिपोर्ट तलब की_6 सस्पेंड..

ख़बर शेयर करें

ब्रेकिंग न्यूज़_ उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने ज्यूलिकोट के दूषित पानी संबंधी पी.आई.एल.में
खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगली तारीख तक, अबतक किये आदेशों के पालन की रिपोर्ट सौपेंगे। इसके साथ ही मौनेटरिंग कमिटी के निर्णयों से भी अवगत कराएंगे। खंडपीठ ने अगली सुनवाई 29 सितंबर के लिए तय की है।


पिछले कुछ महीनों से नैनीताल के निचले हिस्सों में सीवर और जल स्रोत का पानी मिक्स होने से गांजा, तल्ला छिंडा, मल्ला छिंडां, वीरभट्टी, ज्यूलिकोट, खुर्पाताल आदि गांव में दूषित पेयजल सप्लाई से 500 से अधिक लोग पीलिया, डायरिया आदि से ग्रसित हो गए।

अधिवक्ता और याचिकाकर्ता रवि बिष्ट ने इस मुद्दे को पी.आई.एल.के रूप में न्यायालय के सामने रखा। आज सुनवाई के दौरान सी.एम.ओ.रश्मि पंत, एस.डी.एम.नवाज़िश ख़लिक़, अधिशासी अभियंता अनीश पिल्लई समेत जल निगम, पी.सी.बी. व अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।

सी.जे.मंनोज कुमार गुप्ता ने सरकारी अधिवक्ताओं से कहा कि आपने जो कमिटी बनाई, उसने क्या एक्शन लिया ? मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जिलाधिकारी अगली तारीख को अबतक किये आदेशों के पालन की रिपोर्ट सौपेंगे। इसके साथ ही मौनेटरिंग कमिटी के निर्णयों से भी अवगत कराएंगे।


उप महाधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह चौहान ने खंडपीठ को सरकार की कार्यवाही से अवगत कराया। कहा कि पानी सप्लाई की काफी बेहतर रिपोर्ट है। उस क्षेत्र की परिस्थिति नियंत्रण में है। काफी मरीज कम हो गए हैं। मौनिटरिंग कमिटी की बुधवार को बैठक तय है।

सी.एस.सी.पूरन सिंह रावत ने बताया कि कमिटी की रिपोर्ट पर 3 जल संस्थान और 3 जल निगम के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि मुख्य आरोपी जल संस्थान का ई.ई. है। दूषित पानी में मिलावटखोरी का फोटो भी न्यायालय को दिखाया।

पी.सी.बी.के अधिवक्ता आदित्य प्रताप ने न्यायालय को बताया कि नैनीताल शहर से 17 सैम्पल लिए गए जिसमें सभी की रिपोर्ट में राहत की बात मिली है। इसके अलावा बताया कि आज खुर्पाताल में पेयजल के सैम्पल लिए जाएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

Ad Ad Ad Ad
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *