उत्तराखंड हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव कल, प्रत्याशियों ने धमाकेदार स्पीचों से बनाया माहौल…

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उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय बार के बुधवार को होने वाले मतदान से पहले आज अध्यक्ष और महासाचीव प्रत्याशियों ने अपने धमाकेदार विचार रखे। प्रत्याशियों ने रोस्टर सिस्टम ठीक करने, पात्र अधिवक्ता को चैम्बर देने और मैडिक्लेम के अलावा कैंटीन सुधारने समेत कई वादे किए। सी.आर.ओ. डी.के.जोशी ने सभी बार सदस्यों से कल सवेरे दस से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की अपील की है।


हाइकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार में हुई गैदरिंग में अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी डी.सी.एस.रावत, डी.एस.मेहता और एस.के.सानडलय का वक्तव्य हुआ। इसके अलावा महासाचीव सौरभ अधिकारी और वीरेंद्र सिंह रावत ने भी अपने विचार रखे।

सभी प्रत्याशियों को समय की डेडलाइन दी गई थी, क्योंकि दो बजे से अधिवक्ताओं को न्यायालय में केस की सुनवाई के लिए जाना था। उच्च न्यायालय के वर्ष 2000 में निर्माण के बाद अब यहां के बार की कुल संख्या लगभग 1400 है जिसमे से एक बड़ी संख्या के वोट करने की उम्मीद है। प्रतिवर्ष होने वाले चुनाव में ‘वन बार वन बोर्ड’ का नियम बनाया गया है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को अपनी बात रखने के लिए 7 मिनट और सचिव पद के प्रत्याशियों के लिए 5 मिनट का समय रखा।


अध्यक्ष प्रत्याशी 48 वर्षीय अधिवक्ता डी.सी.एस.रावत ने कहा की एक मिनट का मतदान एक साल का चुनाव होगा। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि 23 साल की प्रैक्टिस में किसी भी अच्छे बुरे मौके पर उनकी अनुपस्थिति साबित नहीं की जा सकती। न्यायालय या व्यवस्थाओं के खिलाफ उन्होंने भी आंदोलन कर जीत दर्ज की थी। बार और बेंच के बीच समन्वय बनाने के लिए सेमिनार किया जाएगा। पार्किंग परिसर में दैनिक भोगी कर्मचारी रखा जाएगा। प्रत्याशी डी.एस.मेहता ने कहा की मैं जब 2009 में सचिव था तब बार के लिए जमीन अलॉट कराई थी। रोस्टर सिस्टम से याची और अधिवक्ताओं को न्याय नहीं मिल रहा है। मैं किसी दल, गुट पार्टी का नहीं हूं, बल्कि केवल एक अधिवक्ता हूँ। मैं अपनी लड़ाई खुद लड़ रहा हूँ। मैं मुख्य न्यायाधीश के पास जाकर रोस्टर सिस्टम को ठीक कराऊंगा। मैं किसी का पिट्ठू नहीं हूं और आपके सहयोग से अधिवक्ताओं का विकास करूंगा।

प्रत्याशी एस.के.सानडलय के अनुसार चैम्बर प्रेक्टिसर को ही मिले। हम नॉन प्रैक्टिसनर के कब्जे से चैम्बर खाली कराएंगे। बार और बेंच के बीच समन्वय की जरूरत है। शांति से वार्ता होगी और जहां लड़ाई की जरूरत है वहां लड़ेंगे भी। कैंटीन ठीक होगी। फाइलिंग की टाइमिंग ठीक करेंगे। हाइकोर्ट परिसर में तीन पार्किंग है जिसमें अधिवक्ताओं के लिए जगह अलॉट की जाएगी। जर्नल हाउस को हर दूसरे बुधवार को बुलाया जाएगा।


सचिव पद के प्रत्याशी सौरभ अधिकारी ने कहा कि प्राथमिकता के साथ 15 दिनों में मैडिक्लेम की व्यवस्था लागू की जाएगी। दूसरी प्राथमिकता चैम्बर अलॉटमेंट हकदार को दिलाएंगे। तीसरा रोस्टर बदलाव करने की मांग की जाएगी। कैंटीन की गंदी हालत को सुधारने के लिए उसमें 15 दिन के भीतर ताला लगवा देंगे। पानी की समस्या के लिए आर.ओ.लगाया जाएगा। कोरोना के दिनों में लगाया गया ड्राप बॉक्स हटाया जाएगा।

प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वो सामान्य परिवार से हैं और एक चारपाई लेकर आए थे, लेकिन सभी के सुख दुख में खड़े रहे। उन्होंने कहा कि मैं पदाधिकारी बनने के बाद भी वैसा ही बना रखूंगा जैसा 12 वर्ष पहले था। एमिकस क्यूरी में रोएस्टर लगवाकर युवा अधिवक्ताओं को रखवाएँगे। मैडिकल क्लेम कराया जाएगा और चैम्बर अलोटमनेट दिलाया जाएगा।


सी.आर.ओ. अधिवक्ता डी.के.जोशी ने सभागार में मौजूद सभी अधिवक्ताओं और बार के सदस्यों से बुधवार सवेरे दस बजे से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वन बार वन बोर्ड की सोच को आगे बढ़ाते हुए यहां मतदान जरूर करें।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

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