हनुमान अंश _ प्रमोशन के लिए भंडारा और बॉक्स ऑफिस पर‘चमत्कार’!

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बॉलीवुड में जहां बड़े सितारों, करोड़ों के बजट और भारी-भरकम प्रमोशन को फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता है, वहीं एक बेहद कम बजट की आध्यात्मिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के तमाम समीकरणों को उलटकर रख दिया है। फिल्म है ‘हनुमान अंश’ जिसकी कहानी आध्यात्मिक गुरु और बाबा नीम करोली महाराज के जीवन से प्रेरित है।

महज 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है रिलीज के शुरुआती दिनों में जिस फिल्म की कमाई लाखों में सिमटती दिखाई दे रही थी, उसी फिल्म ने बाद के दिनों में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि हर कोई हैरान रह गया।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर किसी फिल्म की कमाई रिलीज के बाद धीरे-धीरे नीचे आती है। लेकिन ‘हनुमान अंश’ की कहानी इसके बिल्कुल उलट नजर आई। करीब 15 दिनों तक मामूली कमाई करने के बाद फिल्म ने अचानक रफ्तार पकड़ी और 26वें दिन तक करोड़ों का कलेक्शन करने लगी।

15 दिन तक लाखों में कमाई… फिर अचानक बदल गई कहानी

7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ की शुरुआत बेहद साधारण रही। शुरुआती दिनों में फिल्म करीब 10 से 20 लाख रुपये प्रतिदिन के आसपास कमाई करती नजर आई।

ऐसा लगने लगा था कि फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से बाहर हो जाएगी। लेकिन इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया जिसकी शायद फिल्म के मेकर्स ने भी उम्मीद नहीं की होगी।

16वें दिन फिल्म की कमाई में करीब 63 फीसदी का उछाल आया और कलेक्शन लगभग ₹0.85 करोड़ पहुंच गया।

इसके अगले ही दिन यानी 17वें दिन फिल्म ने करीब ₹2.20 करोड़ की कमाई कर ली।

इसके बाद फिल्म की रफ्तार लगातार बढ़ती गई। 24वें दिन यानी रविवार को फिल्म ने करीब ₹12.75 करोड़ का कलेक्शन किया।

यानी जिस फिल्म की कमाई कभी लाखों में गिनी जा रही थी, वही फिल्म कुछ ही दिनों बाद करोड़ों में कमाई करने लगी।

26वें दिन ₹8.50 करोड़!

Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने चौथे सोमवार यानी 25वें दिन करीब ₹5.50 करोड़ की कमाई की।

इसके बाद मंगलवार यानी 26वें दिन भी फिल्म ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए लगभग ₹8.50 करोड़ का कलेक्शन किया।

रिपोर्ट के मुताबिक यह कलेक्शन देशभर में करीब 7,008 शोज से आया। फिल्म के सबसे ज्यादा शो दिल्ली-एनसीआर में रखे गए।

भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन ₹54.13 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन करीब ₹63.82 करोड़ बताया गया है।

महज ₹2 करोड़ के बजट वाली फिल्म के लिए यह आंकड़ा अपने आप में बेहद बड़ा है।

न स्टार… न करोड़ों का प्रमोशन, फिर भी बॉक्स ऑफिस पर बवाल

‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह किसी बड़े सुपरस्टार के नाम के सहारे सिनेमाघरों तक नहीं पहुंची।

फिल्म का बजट भी बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के मुकाबले बेहद कम था और प्रमोशन के लिए भी मेकर्स के पास बहुत बड़ा बजट नहीं था।

इसके बावजूद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई।

यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ को इस समय 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली फिल्मों में से एक बताया जा रहा है।

फिल्म ने अपने बजट की तुलना में कई गुना ज्यादा कमाई कर ली है और रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका मुनाफा 2600 फीसदी से ज्यादा बताया जा रहा है।

अगर फिल्म की यही रफ्तार आगे भी बनी रही तो इसके मुनाफे के 5000 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान भी जताया जा रहा है।

‘टॉक्सिक’ के बीच ‘हनुमान अंश’ की बढ़ती पकड़

बॉक्स ऑफिस पर इस समय एक और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है।

यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ बड़े नाम और बड़े पैमाने के बावजूद दर्शकों से वैसा रिस्पॉन्स हासिल नहीं कर पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी।

वहीं दूसरी तरफ ‘हनुमान अंश’ ने धीरे-धीरे अपनी ऑडियंस तैयार कर ली।

कई जगहों पर ‘टॉक्सिक’ के शो कम होने और ‘हनुमान अंश’ के शो बढ़ने की बात सामने आई है। यही वजह है कि कम बजट की यह आध्यात्मिक फिल्म अब बड़ी फिल्मों के सामने मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।

आखिर ‘हनुमान अंश’ में ऐसा क्या है…

इस फिल्म की सफलता को सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से समझना शायद आसान नहीं होगा।

दरअसल, फिल्म सीधे उस भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव को छूती है, जो देशभर में बाबा नीम करोली महाराज के भक्तों के बीच मौजूद है।

खासतौर पर उत्तर भारत में बाबा नीम करोली के प्रति लोगों की गहरी आस्था है।

जैसे-जैसे लोगों ने फिल्म देखी और उसके बारे में दूसरों को बताया, दर्शकों की संख्या बढ़ती चली गई।

यानी फिल्म का सबसे बड़ा प्रमोशन खुद उसके दर्शक बन गए।

भक्ति गीतों ने सोशल मीडिया पर पकड़ी रफ्तार

फिल्म के संगीत ने भी इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई।

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ और ‘जब जिद पे आ गई पार्वती’ जैसे गीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए।

इंफ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स इन गानों पर वीडियो बनाने लगे। देखते ही देखते फिल्म का नाम उन लोगों तक भी पहुंचने लगा, जिन्होंने शायद इसके बारे में पहले सुना तक नहीं था।

सबसे दिलचस्प कहानी फिल्म के वायरल गाने के पीछे

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गाने की आवाज ने लोगों को खास तौर पर प्रभावित किया।

इस भक्ति गीत को 25 वर्षीय नेत्रहीन गायक सुनील लोधी ने आवाज दी है।

उनकी आवाज की सादगी और उसमें मौजूद भाव को मेकर्स ने जस का तस रखने का फैसला किया।

और यही सादगी गीत की सबसे बड़ी ताकत बन गई।

गाना इंटरनेट पर वायरल हुआ और इसका फायदा सीधे फिल्म को मिला।

CID में कैमरे के पीछे काम करने वाला कलाकार बना नीम करोली बाबा

फिल्म में नीम करोली बाबा की भूमिका शोभिनव सत्य ने निभाई है।

FTII, पुणे के एलुमनी शोभिनव की बतौर अभिनेता यह पहली फिल्म बताई जाती है।

दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले वह कैमरे के पीछे काम कर चुके हैं।

2019 में उन्होंने ‘रागिनी MMS रिटर्न्स’ में ट्रेनी असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने 2025 में CID के कुछ एपिसोड्स में सेकेंड असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया।

इसी दौरान उनकी मुलाकात निर्देशक विशाल चतुर्वेदी से हुई।

बताया जाता है कि विशाल को शोभिनव की सादगी पसंद आई और इसी वजह से उन्हें नीम करोली बाबा के किरदार के लिए चुना गया।

फिल्म के सेट पर भी था बाबा के अनुशासन का असर

‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान मेकर्स ने सेट का माहौल भी आध्यात्मिक और अनुशासित रखने की कोशिश की।

निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने प्रेमानंद महाराज से भी संपर्क किया था। बताया जाता है कि उन्हें सलाह दी गई थी कि मुख्य कलाकार शोभिनव शूटिंग के दौरान पूरी तरह शाकाहारी रहें और अनुशासन का पालन करें।

सेट पर गाली-गलौज पर रोक थी। शराब से भी दूरी रखी गई और खाने में केवल शाकाहारी भोजन रखा गया।

सबसे खास बात_हर दिन शूटिंग की शुरुआत और अंत हनुमान चालीसा के पाठ से होता था।

जब प्रमोशन का पैसा नहीं था, तो मेकर्स ने निकाला अनोखा रास्ता

फिल्म का बजट सिर्फ करीब 2 करोड़ रुपये था। ऐसे में बड़े स्तर का प्रमोशन करना मेकर्स के लिए संभव नहीं था।

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

उन्होंने फिल्म के प्रचार के लिए अलग रास्ता चुना_भंडारा।

मेकर्स ने अलग-अलग जगहों पर करीब आठ भंडारों का आयोजन किया।

जहां लोग प्रसाद लेने पहुंचे, वहीं उन्हें फिल्म के बारे में भी बताया गया।

यह तरीका सस्ता भी था और फिल्म के विषय से जुड़ा हुआ भी।

शुरुआत में दर्शक कम आए, लेकिन जैसे-जैसे लोगों ने फिल्म देखी और पसंद की, वैसे-वैसे इसकी चर्चा बढ़ती गई।

और फिर वही फिल्म, जिसे रिलीज के कुछ दिनों बाद कमजोर माना जा रहा था, बॉक्स ऑफिस पर तेजी से दौड़ने लगी।

‘हनुमान अंश’ की कहानी सिर्फ करोड़ों के कलेक्शन की कहानी नहीं है।

यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें दर्शक किसी फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि भावना और आस्था से जोड़कर देखते हैं।

बड़े सितारे नहीं थे।

करोड़ों का प्रचार नहीं था।

बड़ा बजट नहीं था।

फिर भी कहानी ने दर्शकों के दिल में जगह बनाई।

और शायद यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस के उस पुराने गणित को चुनौती दे दी, जिसमें बड़े बजट और बड़े स्टार को ही सफलता की सबसे बड़ी गारंटी माना जाता है।

दो करोड़ से शुरू हुई यह छोटी-सी फिल्म अब 50 करोड़ के पार पहुंच चुकी है।

बॉक्स ऑफिस पर यह सिर्फ एक फिल्म की कमाई नहीं, बल्कि यह संदेश भी है

कभी-कभी बड़े पर्दे पर सबसे बड़ा चमत्कार बड़े बजट से नहीं, बड़े विश्वास से होता है।

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