6 मौतों के बाद खुली नींद ! अब 4 मंजिल से ऊंची अवैध इमारतें सील होंगीं..

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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से हुई 6 लोगों की मौत ने राजधानी में छात्रों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) अब हरकत में आया है और चार मंजिल से ऊंचे अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि **चार मंजिल से अधिक ऊंचाई वाले सभी गैर-कानूनी निर्माणों को तत्काल सील किया जाएगा। साथ ही, कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाने की बात कही गई है। दोषी पाए जाने पर अधिकारियों की बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है।

यह सख्ती उस दर्दनाक हादसे के बाद सामने आई है, जिसमें रविवार, 6 सितंबर को सत्य निकेतन की एक पांच मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में छह लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। रातभर चले राहत और बचाव अभियान में मलबे के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और कम से कम 10 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।

PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से सटा इलाका है और यहां बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन इमारतों में युवा अपने भविष्य के सपने लेकर रह रहे थे, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी ?

बिल्डिंग गिरने के बाद MCD की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। दिल्ली पुलिस ने कथित बिल्डिंग मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

ABVP का प्रदर्शन, MCD को 24 घंटे का अल्टीमेटम

हादसे को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी MCD के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली स्थित MCD मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की।

ABVP ने हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए MCD को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने और लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

NSUI भी मैदान में, छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

वहीं कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने भी सत्य निकेतन में धरना दिया। संगठन की ओर से मौके पर लोगों को भोजन भी वितरित किया गया। NSUI ने छात्रों को न्याय और सुरक्षित भविष्य मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।

NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। संगठन का आरोप है कि हॉस्टल की कमी के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को ऐसे PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।

6 मौतों के बाद सबसे बड़ा सवाल_जवाबदेह कौन?

सत्य निकेतन की यह घटना सिर्फ एक इमारत गिरने का हादसा नहीं, बल्कि शहरी व्यवस्था, अवैध निर्माण और छात्रों की सुरक्षा पर बड़ी चूक है।

अब देखना यह होगा कि MCD का सीलिंग अभियान सिर्फ आदेश और कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में उन इमारतों पर कार्रवाई होती है, जहां नियमों को ताक पर रखकर लोगों और छात्रों की जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है।

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