डॉक्टरों की लापरवाही की सारी हदें पार, ज़िंदा नावजात को पोस्टमार्टम के लिए भेजा..


चंडीगढ़ (GKM news) चंडीगढ़ से एक ऐसा मामले सामने आया है.जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप जाएगी. चंडीगढ़ में डाक्टरों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. खबरों के मुताबिक कहा जा रहा है कि एक ज़िंदा नवजात को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामला देश के सबसे बेहतर चिकित्सा संस्थानों में शुमार पीजीआई चंडीगढ़ का है. बताया जा रहा है कि जब पोस्टमार्टम गृह के एक कर्मचारी ने नवजात को देखा तो बच्चे की सांसे चल रही थी.इस घटना के बाद कर्मचारी ने आनन-फानन में इसकी जानकारी गाइनी डिपार्टमेंट को दी.
इतना ही नही जब डिपार्टमेंट को दिया गया तो डिपार्टमेंट ने नवजात बच्चे को लेने से मना कर दिया. डॉक्टरों की इस गंभीर चूक से पीजीआई प्रशासन में हड़कंप मच गया है. पीजीआई के अधिकारी का कहना है कि इस तरह की मामला हमारे संज्ञान में आया है, हमने घटना की जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय खबरों के मुताबिक संतोष कुमार नयागांव दशमेश नगर निवासी ने बताया कि उसकी पांच महीने की गर्भवती पत्नी का इलाज सेक्टर-45 की डिस्पेंसरी में चल रहा था।
कि उसकी पांच महीने की गर्भवती पत्नी का इलाज सेक्टर-45 की डिस्पेंसरी में चल रहा था। अल्ट्रासांउड में बच्चे में दिक्कत पाई गई। बाद में जांच कराने पर पता चला कि बच्चे की रीढ़ की हड्डी में गंभीर बीमारी है।डाँक्टरों का कहना था कि बच्चा जन्म लेने के बाद मात्र दो से तीन साल तक ही जिंदा रह सकता है। ऐसे में डॉक्टरों ने गर्भपात की सलाह दी लेकिन गर्भ 20 हफ्ते से ऊपर का हो गया था। ऐसे में दंपति को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। पीजीआई की सलाह मानते हुए हाईकोर्ट ने गर्भपात के आदेश जारी कर किए।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com




नैनीताल पुलिस की हिट लिस्ट में 378 SIM_अब बड़े नेटवर्क पर चोट..
‘किंग ऑफ उत्तराखंड’ का बोर्ड लगाकर खौफ फैलाने वाले जग्गा गैंग पर गैंगेस्टर एक्ट…
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए शिवराज ने संत समाज से की अपील,सीएम धामी ने किया समर्थन
Haldwani_गोरापड़ाव डकैती में चार और गिरफ्तार, तमंचे-कारतूस और लूटी रकम बरामद_Video
Nainital_ बर्थडे पार्टी में परोसे गए जरक के पकोड़े खाते ही पूरा परिवार हुआ बेहाल, डॉक्टरों के छूटे पसीने