

उत्तराखंड से इस वक्त की बहुत ही बड़ी खबर सामने आ रही है। UCC का प्रारूप तय करने वाली एक्सपर्ट कमेटी का कार्यकाल एक बार फिर से बढ़ा दिया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के उद्देश्य से इसका प्रारूप तय करने के लिए गठित समिति का कार्यकाल आज एक बार फिर 15 दिनों के लिये बढ़ा दिया गया है।।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसीलिए सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 27 मई 2022 को समान नागरिक संहिता का प्रारूप (ड्राफ्ट) बनाने के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेनि) की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।
जानकारी के लिए आपको बताते चलें विशेषज्ञ समिति के अभी तक के कार्यकाल में करीब 75 से अधिक बैठक हो चुकी हैं और समिति को 2.35 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। समिति को समान नागरिक संहिता का प्रारूप बीते वर्ष जून तक सौंपना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया। और एक बार फिर समिति के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया । सरकार को प्रारूप सौंपने के बाद भी इसमें काफी कार्य होना है।
विशेषज्ञ समिति का गठन 27 मई, 2022 को किया गया था।
27 नवंबर, 2022 को अवधि छह महीने बढ़ा दी गई।
27 मई, 2023 को चार महीने का और विस्तार दिया गया।
27 सितंबर, 2023 से चार महीने का और विस्तार लागू किया गया।
आज 24 जनवरी 2024 को समिति का कार्यकाल अगले पन्द्रह दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
26 जनवरी को UCC समिति का कार्यकाल खत्म होने वाला था ऐसे में सरकार ने 15 दिन इसका कार्यकाल बढ़ाया है आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जल्द ही समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी इसके बाद विधानसभा सत्र में इसको पास किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई 5 सदस्यों की कमेटी ने ड्राफ्ट पूरा कर लिया है। ड्राफ्ट मिलते ही जल्दी विधानसभा का सत्र बुलाकर विधानसभा में समान नागरिक संहिता का कानून पूरे उत्तराखण्ड में लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के विकास, कल्याण और उन्नति हेतु संकल्पबद्ध है। जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति का अनुसरण कर राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। जनसेवा से संबंधित अधिकांश सेवाएं ऑनलाईन की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मागदर्शन में उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों के श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता के सहयोग से इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य की आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।
डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुए 3.56 लाख करोड़ के करारों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्यवाही गतिमान है। राज्य में निवेश के लिए निवेशकों ने जो उत्साह दिखाया है, आने वाले समय में इससे स्थानीय स्तर पर लोगों के रोजगार के संसाधन तेजी से बढ़ेंगे और पलायन पर भी नियंत्रण होगा।
राज्य में धार्मिक पर्यटन के साथ ही पर्यटन की अन्य गतिविधियों पर भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। कुमांऊ मण्डल में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान भी हमारे लिये सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है।
इस योजना के तहत राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।


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