हल्द्वानी में युवा महाआक्रोश रैली की तैयारी तो दूसरी तरफ आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, दोनों तरफ से घिरी सरकार..

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उत्तराखण्ड के हल्द्वानी में बुधवार 14 सितंबर को यू.के.एस.एस.एस.सी.में धांधलेबाजी से नाराज आक्रोशित बेरोजगार युवा महाआक्रोश रैली निकालने की तैयारी कर रहे हैं। हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी.कॉलेज में लगने वाले जमावड़े में कई संगठन एक बैनर तले विरोध जताने की सूचना। युवाओं ने पोस्टर बैनर बनाकर सरकार को जगाने की कोशिश की है। उच्च न्यायालय ने भी आज इस मामले में याची से सी.बी.आई.जांच की मांग और एस.टी.एफ.पर विश्वास पर जवाब मांगा है।


उत्तराखंड में यू.के.एस.एस.एस.सी.भरती पेपर लीक मामले के खिलाफ सी.बी.आई.जांच की मांग जोरों से उठ रही है। राज्य की बेरोजगार संघ के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने पिछले दिनों देहरादून सचिवालय कूच किया था जिसमें हजारों युवाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया और राज्य के अलग अलग जिलों में भी विरोध प्रदर्शन होने शुरू हो गए।


युवाओं ने UKSSS CBI जांच जनांदोलन नाम का व्हाट्स एप ग्रुप बनाया है, जिसमें लगभग 242 लोग जुड़े हुए हैं। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के बेरोजगारों के अलावा पत्रकार भी शामिल हैं। आक्रोशित युवा अब आगामी 14 तारीख को हल्द्वानी में होने वाली जनाक्रोश रैली की तैयारी कर रहे हैं। युवाओं ने न केवल बेरोजगार युवाओं को बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने को कहा है बल्कि उन्होंने इसके लिए सरकार को जगाने वाले पोस्टर बैनर भी बना लिए हैं। दावा किया जा रहा है कि इस रैली में विभिन्न सामाजिक संगठन, राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन और आम बेरोजगार युवा भाग ले रहे हैं।

प्रस्तावित कार्ययक्रम के अनुसार 14 सितंबर को सभी एकजुट होकर एम.बी.पी.जी.कालेज में एकत्रित होंगे, यहां से वो एक रैली के रूप में तिकोनिया चौराहे पर अपने विचारों को रखेंगे और वहां से एस.डी.एम.कार्यलय में ज्ञापन सौपेंगे ।
उत्तराखंड के युवाओ के नाम अपील जारी करते हुए उत्तराखंड युवा एकता मंच ने आग्रह किया है कि देहरादून की तरह यहां भी सरकार और विपक्ष को युवाओ की शक्ति का अहसास कराना जरूरी है और यह लड़ाई युवाओ की है, इसलिए युवाओ को आगे आने की आवश्यकता है।


उत्तराखंड युवा एकता मंच के पीयूष जोशी ने बताया कि उत्तराखंड युवा एकता मंच के बैनर तले विभिन्न संगठन युवाओं की आवाज बन राज्य में भ्रष्टाचार के विरोध में आगामी महाआक्रोश रैली के लिए पहुंचेंगे । इस रैली में
उत्तराखंड बेरोजगार संघ, सुराज सेवा दल, यूथ कांग्रेस, हल्द्वानी ऑनलाईन सहायता समूह, आम आदमी पार्टी, उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी, परिवर्तनकामी छात्र संगठन व अन्य अपने पूरे दलबल के साथ समर्थन दे रहे है। पीयूष ने
आंदोलन की प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि

यू.के.पी.सी.एस.और यू.के.इस.एस.सी.में राज्य गठन के बाद अभी तक जितनी भी भर्तियां हुई हैं उनकी सी.बी.आई.जांच हो ।

उत्तराखंड के सभी नेताओं की निजी संपत्ति की जांच की जाए और जिन भ्रष्टाचारियों ने भ्रष्टाचार कर धन अर्पण किया गया है उनकी संपत्ति को लेकर राज्य कोष ने पैसा देते हुए युवाओं के विकास में उस धन को खर्च किया जाए।

सीबीआई जांच को लेकर आज हाईकोर्ट में अहम सुनवाई सुनवाई

उत्तराखंड उच्च न्यायालय में आज यू.के.एस.एस.एस.सी.भर्ती घोटाले की सी.बी.आई.जांच को लेकर सुनवाई होनी तय है। खटीमा विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी की याचिका में आज वरिष्ठ न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र की एकलपीठ सुनवाई करेगी। न्यायालय ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि इस मामले में वो सी.बी.आई.जांच क्यों चाहते हैं और एस.टी.एफ.की जांच पर उन्हें विश्वास क्यों नहीं है ?


मामले के अनुसार कोंग्रेस के विधायक भुवन कापड़ी ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर कर कहा था कि यू.के.एस.एस.एस.सी.परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जाँच एस.टी.एफ.सही तरीके से नही कर रही है। अभी तक जो गिरफ्तारियां हुई है वे छोटे छोटे लोगो की हुई है। जबकि इतिहास रचने वाले बड़े लोगों की अभी तक एक भी गिरफ्तारी नही हुई है। इसमे यू.पी.और उत्तराखंड के कई बड़े बड़े अधिकारी और नेता शामिल हैं और सरकार उनको बचा रही है। इसलिए इस मामले की जाँच एस.टी.एफ.से हटाकर सी.बी.आई.से कराई जाए। वर्ष 2021 में यह परीक्षा हुई थी।

22 जुलाई 2022 को अनु.सचिव राजन नैथानी ने रायपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एफ.आई.आर.में कहा गया था कि व्हाट्स ऐप मैसेज से अभ्यर्थियों को प्रश्नों हल कराए गए। एस.टी.एफ़.ने शुरू में संदिग्ध 17 लोगों के फोन लोकेशन और सी.डी.आर.के माध्यम से जाँच की शुरुआत की, जो सही पाई गई।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

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