सलाउद्दीन गिरफ्तारी : उत्तराखंड से यूपी तक फैली जांच, डिजिटल सुराग मिले..

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देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद सलाउद्दीन से पूछताछ और डिजिटल जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के सोशल मीडिया नेटवर्क, मोबाइल फोन और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय संपर्कों की गहन पड़ताल की जा रही है।

STF के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में सिग्नल और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कई समूहों और चैट्स से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ चैट्स में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा, जिहाद, शहादत तथा राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से संबंधित सामग्री मिलने की बात कही गई है। इन सभी तथ्यों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच जारी है।

जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी के कुछ संभावित अंतरराष्ट्रीय और सीमापार संपर्कों के संकेत भी मिले हैं। इन संपर्कों की वास्तविकता, दायरा और उद्देश्य का पता लगाने के लिए विभिन्न एजेंसियां समन्वित रूप से जांच कर रही हैं। कुछ चैट्स में हथियारों और विस्फोटक सामग्री से संबंधित संदिग्ध बातचीत भी सामने आई है, जिसकी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जा रही है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ चैट्स और संपर्कों को डिलीट किए जाने की जानकारी दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी एक युवक से उसके संपर्कों की जानकारी मिलने पर STF ने जांच का दायरा राज्य की सीमाओं से बाहर भी बढ़ाया।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावना को देखते हुए STF की एक विशेष टीम ने रामपुर में कार्रवाई कर अताउल्ला समीर नामक युवक से पूछताछ की। जांच एजेंसी के अनुसार, उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि उसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावित करने और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा था।

STF ने बताया कि युवक से पूछताछ के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि उसके मोबाइल फोन को विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि सलाउद्दीन के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में कई ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो उसे संदिग्ध कट्टरपंथी नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी जिन-जिन लोगों के संपर्क में था, उनकी भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और एजेंसियां डिजिटल, फॉरेंसिक तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की वास्तविकता और व्यापकता का पता लगाने में जुटी हैं।

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