धरना स्थगित, आंदोलन खत्म नहीं_14 दिन बाद फिर गरमा सकता है नैनीताल का मुद्दा

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नैनीताल। लोअर मॉल रोड को सुचारू करने में हो रही देरी समेत नैनीताल से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर मां नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल की ओर से उठाई गई आवाज का असर अब प्रशासनिक स्तर पर दिखाई देने लगा है। पांच दिन के धरने के बाद व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन की ओर से कुमाऊं कमिश्नर और जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र पर कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पुनीत टंडन ने 19 अगस्त को पांच दिवसीय धरना स्थगित करते समय नैनीताल से जुड़े 13 प्रमुख मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा था। अब इन बिंदुओं पर कमिश्नर की ओर से डीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि यह आदेश नैनीताल के संरक्षण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की गंभीरता की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत है।

जानिए क्या है 13 मुद्दे जिनको लेकर डीएम को दिए गए हैं निर्देश

लोअर मॉल रोड पर साल-दर-साल किए गए खर्च का पूरा ब्यौरा मांगा है। खासतौर पर पिछले एक साल में सड़क पर हुए खर्च और कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सड़क की मरम्मत और निर्माण पर कितना धन खर्च हुआ और उसके बाद भी समस्या क्यों बनी हुई है।

सड़क पर लगातार दिखाई दे रही दरारों, खास कर अपर मॉल रोड की दरारों के कारण और उनकी स्थायी मरम्मत के लिए बनाई जाने वाली कार्ययोजना की जानकारी मांगी गई है।

जब तक लोअर मॉल रोड पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक लागू ‘नो हॉन्किंग जोन’ के नियम को स्थगित रखने की बात कही गई है।

फ्लैट्स मैदान में बने दो पार्क और बाउंड्री वॉल को लेकर भी पत्र में इन निर्माण कार्यों की वैधता, इन्हें किस प्रक्रिया के तहत कराया गया और नैनीताल झील से जुड़े हाईकोर्ट व एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पालन हुआ या नहीं, इसकी जानकारी मांगी गई है।

नैनीताल की संवेदनशील पर्यावरणीय स्थिति को देखते हुए सीवर व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। झील में जा रहे सीवर के पानी समेत जनहित से जुड़े अन्य मामलों पर भी तत्काल कार्रवाई को कहा गया है।

शहर की पार्किंग समस्या को लेकर मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कब तक पूरा होगा, उसका वर्क ऑर्डर क्या है और अन्य विकास कार्यों को पूरा करने की निर्धारित समय-सीमा क्या है इसका लिखित विवरण भी मांगा गया है।

बोट हाउस क्लब के सामने बने कंक्रीट पार्क का मामला भी व्यापार मंडल के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। संस्थापक अध्यक्ष पुनीत टंडन पहले भी इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कह चुके हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि यदि इस दिशा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई और पूर्व में जिलाधिकारी को दिए गए पत्र का जवाब नहीं मिला, तो जल्द ही कानूनी कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

व्यापार मंडल ने साफ कर दिया है कि पांच दिन का धरना समाप्त नहीं बल्कि 14 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। संगठन को उम्मीद है कि इस अवधि में प्रशासन सभी प्रमुख बिंदुओं पर ठोस कार्रवाई करते हुए लिखित रूप में समय-सीमा उपलब्ध कराएगा।

सह मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ छेत्री ने कहा कि यदि तय समय में प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नैनीताल के हित में हाईकोर्ट और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कमिश्नर की ओर से मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाना निश्चित तौर पर सकारात्मक कदम है, लेकिन नैनीताल जैसे संवेदनशील शहर को बचाने की लड़ाई लंबी है। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जागरूक होकर अपनी भूमिका निभानी होगी।

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