क्षमा का संदेश, अहिंसा का संकल्प_हल्द्वानी में क्षमा वाणी पर्व पर भव्य शोभायात्रा

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हल्द्वानी।
“क्षमा वीरस्य भूषणम्” क्षमा को जीवन का सबसे बड़ा आभूषण मानने वाले जैन समाज ने रविवार को क्षमा वाणी पर्व श्रद्धा, भक्ति और आपसी प्रेम के साथ मनाया। रेलवे बाजार स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जैन मंदिर चौराहा में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पर्व के समापन पर निकली श्री जी की भव्य शोभायात्रा में बारिश के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पड़े।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे श्री जी के जलाभिषेक, शांतिधारा और पूजन के साथ हुई। टीकमगढ़ से पधारे विद्वान पंडित विवेक जैन शास्त्री के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुए।

सामूहिक क्षमा वाणी कार्यक्रम में पंडित विवेक जैन शास्त्री ने कहा कि जैन धर्म के दस लक्षण महापर्व में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे जीवन मूल्यों की आराधना की जाती है। यह पर्व आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य से जाने-अनजाने मन, वचन या व्यवहार से किसी को ठेस पहुंच सकती है। क्षमा वाणी पर्व ऐसे सभी संबंधों में प्रेम और सद्भाव लौटाने का अवसर देता है। जैन परंपरा में केवल मनुष्यों से ही नहीं, बल्कि संसार के समस्त जीवों से भी क्षमा याचना की जाती है।

उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में अनजाने में सूक्ष्म जीवों से लेकर पेड़-पौधों तक को होने वाली संभावित हिंसा के लिए क्षमा मांगना जैन धर्म की अहिंसा और करुणा की व्यापक भावना को दर्शाता है।

“क्षमा” से मिटता है राग-द्वेष

पंडित विवेक जैन शास्त्री ने कहा कि क्षमा का भाव मन में पैदा होने वाले राग-द्वेष को समाप्त करता है। जब व्यक्ति अहंकार छोड़कर क्षमा मांगता और दूसरों को क्षमा करता है, तो रिश्तों में आई दूरियां कम होती हैं और समाज में प्रेम, भाईचारा और सौहार्द मजबूत होता है।

बारिश के बीच निकली शोभायात्रा, थमी तो बढ़ा उत्साह

क्षमा वाणी पर्व के बाद श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा जैन मंदिर चौराहा से शुरू होकर मीरा मार्ग, सदर बाजार सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए ओके होटल के समीप से नैनीताल रोड पहुंची और फिर वापस मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुई।

सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। शोभायात्रा में महिलाओं, बच्चों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, शोभायात्रा शुरू होते ही बारिश थम गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ श्री जी की आराधना करते हुए यात्रा में सहभागिता की।

शोभायात्रा के समापन के बाद अरिहंत ज्वैलर्स, साहूकारा लाइन, हल्द्वानी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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