स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नौकरी से निकाला, हाईकोर्ट ने माना अधिकारों का हनन_निदेशक तलब


ब्रेकिंग न्यूज़ _ उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक को 19 नवंबर को न्यायालय में हाजिर होने के निर्देश दिए। न्यायालय ने इसे कर्मचारी के अधिकारों का हनन माना।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में काम कर रहे पंकज साह पिछले आठ साल से वहां कार्यरत हैं। साह को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 7 जनवरी 2026 को सेवा से निकाल दिया। साह ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कहा कि पूर्व में दिए गए कारण बताओ नोटिस का उन्होंने जवाब दिया था। परंतु, सेवा से बर्खास्तगी जैसे भीषण कदम से पहले प्राधिकरण ने उसका पक्ष तक नहीं जाना।
न्यायालय ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया एक कार्मिक जो इतने लंबे समय से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में कार्यरत था, उसको इस तरीके से सेवा से बर्खास्त कर देना और उसकी जगह किसी अन्य कार्मिक को रखना उस कार्मिक के अधिकारों का हनन है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com


स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नौकरी से निकाला, हाईकोर्ट ने माना अधिकारों का हनन_निदेशक तलब
दरमवाल का बड़ा दावा, कालाढूंगी से टिकट मिला तो जिले की छह सीटों पर खिलाएंगे कमल
पार्षद प्रशांत खरोला कौन हैं..जिनका जिला कोर्ट देहरादून से पूरा रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने मंगाया
अल्मोड़ा पर्यावरण संस्थान में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम को कार्रवाई के निर्देश
तीन चोर और एक मैकेनिक_ हल्द्वानी से भीमताल तक ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क,6 बाइक बरामद