चंपावत में दरिंदगी की इंतहाः नाबालिग से गैंगरेप,फरार आरोपियों में भाजपा नेता का नाम..

ADVERTISEMENTS Ad Ad
ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के चंपावत जनपद से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। बच्ची के साथ दरिंदगी को अंजाम देने वाले फरार आरोपियों में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष, पूर्व ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों के नाम सामने आये हैं।

पीड़िता के पिता द्वारा चंपावत कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, वह अस्वस्थ चल रहे हैं और उनकी बेटी उन्हें इलाज के लिए गांव से चंपावत लाई थी। 5 मई 2026 की शाम जब नाबालिग घर वापस नहीं पहुंची तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। देर रात तक तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच रात करीब 1:28 बजे पीड़िता का फोन आया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।

इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रातभर सर्च अभियान चलाया गया। सुबह करीब 4 बजे एक सुनसान कमरे से नाबालिग को बरामद किया गया। परिजनों और पुलिस के अनुसार, बच्ची के हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे और वह निर्वस्त्र अवस्था में मिली। उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाकर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि सल्ती क्षेत्र के तीन युवकों ने धारदार हथियारों के बल पर उसका अपहरण किया। आरोप है कि जान से मारने की धमकी देकर आरोपियों ने पूरी रात उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में उसे कमरे में बंद कर फरार हो गए।

पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चंपावत कोतवाल बीएस बिष्ट ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच एक महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। नाबालिग का मेडिकल परीक्षण जिला चिकित्सालय में कराया जा रहा है और मेडि रेपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कारवाई की जाएगी।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कोतवाली पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मुख्यमंत्री, डीजीपी और जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे उनके राजनीतिक संबंध कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।

वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि कमल रावत ने आरोप लगाया कि आरोपियों में एक भाजपा का बड़ा नेता शामिल है, जिसके चलते पुलिस शुरुआती दौर में मुकदमा दर्ज करने से बचती रही। कांग्रेस प्रदेश सचिव आनंद महरा ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में राजनीतिक दबाव नहीं चलना चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। एक बार फिर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

Ad Ad Ad Ad Ad
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *