BREAKING : (उत्तराखंड) आबकारी नीती को मिली मंजूरी.. धामी कैबिनेट में इन फैसलों पर लगी मुहर..

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देहरादून : धामी कैबिनेट में इन अहम मुद्दों पर लगी मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। जिसमें प्रदेश की आबकारी नीति 2023-24 को मंजूरी मिल गई। जिसके बाद अब प्रदेश में देशी-विदेशी शराब सस्ती हो जाएगी। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में शराब तस्करी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। 

बता दें कि सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में हुई बैठक में तीन प्रस्ताव आए। इसमें पहला प्रस्ताव कोसी और गोला नदी में चलने वाले वाहनों के फिटनेस शुल्क को लेकर था। जिस पर मुख्यमंत्री पूर्व में विचलन से निर्णय ले चुके थे। दूसरा प्रस्ताव एकल आवास के नक्शों के पास करने का था। जबकि तीसरा आबकारी नीति का था। तीनों प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। 

आवास विभाग के अनुसार फैसला एक मंजिला घर बनाने वाले क़ो सेल्फ सर्टिफिकेशन करने वालों के मकान के नक्शे को मंजूर मान लिया जाएगा

प्रदेश की आबकारी नीति क़ो सरकार ने मंजूरी दें दी हैं

Up से रेगुलर ब्रांड में 20 रूपए का अंतर नहीं होगा

महिला कल्याण, गोवंस संरक्षण, और खेल कूद कल्याण के लिए प्रति बोतल 3 रूपए अतिरिक्त ली जाएगी

पुरानी आबकारी नीति क़ो ही सरकार ने आगे बढ़ा दिया हैं जिनकी दुकाने हैं वो 15 प्रतिशत की वृद्धि अधिभार में करके ही अपनी दुकान रख सकता हैं

जो दुकाने नहीं उठेंगी उसकी ही लॉटरी की जाएगी

गौला , नंदौर और कोसी में पुराने रेट से ही ट्रांसपोर्टर काम करेंगे।

गौला, नंधौर और कोसी में ट्रांसपोर्टर की मांग पर बढ़ाए गए फिटनेस चार्जेस को अगले 1 साल के लिए स्थगित किया गया है। एक साल के बाद बढ़े हुए चार्जेज लगेंगे।इस संबध में पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिए गए थे जिसे आज कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।

राज्य सरकार द्वारा सरलीकारण की दिशा में उठाए गए कदम के अंतर्गत आवास विभाग के तहत यदि किसी को अप्रूव्ड लेआउट एरिया में एकल घर बनाना हो तो वह सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर घर का नक्शा विकास प्राधिकरण में जमा कराएगा। 7 दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताए जाने की स्थिति में नक्शे को पास माना जाएगा और वह अपना घर बनाना शुरु कर सकेगा।

आबकारी नीति 2023 – 24 के अंतर्गत प्रदेश में गोवंश संरक्षण, खेलकूद एवं महिला कल्याण के लिए एक एक रुपए प्रति बोतल अतिरिक्त शुल्क के रुप में लिए जाएंगे। इस प्रकार कुल एक बोतल पर ₹3 सेस लिया जाएगा।

शराब में उत्तर प्रदेश से होने वाली तस्करी की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की शराब की कीमतों के 150 से 200 रुपए के अंतर को कम कर ₹ 20 किया गया है। ताकि शराब तस्करी पर पाबंदी लगाई जा सके। एवं राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके। वर्ष 2023- 24 के लिए आबकारी राजस्व लक्ष्य को 4000 करोड़ रखा गया है।

पूर्व में आवंटित शराब की दुकानों में वर्ष 2023 – 24 हेतु विदेशी मदिरा में 10% तथा देशी मदिरा में 15% पूर्व में निर्धारित राजस्व के अतिरिक्त लिए जाने पर उनका नवीनीकरण किया जा सकेगा।

पढ़ें क्या हुए फैसले

आबकारी नीति को मंजूरी

  • एक अप्रैल से देशी-विदेशी शराब के दाम 100 से 300 रुपये तक सस्ते हो जाएंगे।
  • उत्तराखंड और यूपी के बीच अलग-अलग ब्रांड की शराब के दामों के बीच 20 रुपये तक का अंतर रहेगा।
  • गोवंश संरक्षण के लिए प्रति बोतल एक रुपये सेस लिया जाएगा।
  • खिलाड़ियों के कल्याण के लिए भी प्रति बोतल एक रुपये सेस लिया जाएगा।
  • महिला कल्याण के लिए भी प्रति बोतल एक रुपये सेस लिया जाएगा

नक्शे पास कराने की प्रक्रिया आसान

  • उत्तराखंड में एकल आवास के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया आसान हुई।
  • नक्शे के लिए एफिडेविट के साथ कर सकते हैं आवेदन। 
  • सात दिन के भीतर अगर प्राधिकरण ने आपत्ति ना लगाई तो शुरू कर सकते हैं भवन निर्माण

वाहनों का फिटनेस शुल्क

  • इसके तहत एक साल तक वाहनों की फिटनेस के लिए पुराना शुल्क लिया जाएगा।
  • एक साल बाद वाहनों की फिटनेस के लिए नया शुल्क लागू होगा।

जानिए क्या बदलाव हुए हैं नई आबकारी नीति के तहत

उत्तराखंड सरकार ने नई आबकारी नीति में तस्करी रोकने राजस्व बढ़ाने पर्यटन की दृष्टि से कई अहम बदलाव किए है। जबकि कई सामाजिक सरोकारों को भी नई नीति से जोड़ा है नई आबकारी नीति में अतिरित शुल्क प्रति बोतल 3 रुपए बढ़ाया गया है 1 रुपए महिला

नई आबकारी नीति में बार रेस्टोरेंट के शुल्क में कोई इजाफा नही किया गया है ये निकटवर्ती शराब ठेके से ही ले सकेंगेकल्याण के लिए 1 रुपए गो सेवा 1 रूपए युवा कल्याण के लिए 1 रुपए लगाया गया है।

अंग्रेजी देशी मदिरा की कीमतों को पड़ोसी राज्य के समतुल्य किया गया है इससे तस्करी रोकने के साथ ही कीमत नियंत्रित होगी।

देशी मदिरा के पव्वे कांच के बजाए अब टेट्रा पैक में मिलेगा ताकि मिलावट रोकी जा सके

डिपार्टमेंटल स्टोर का लाइसेंस अब पहाड़ों में 8 लाख रुपए और मैदानी जिलों में 8 से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दी गई है इसके जरिए राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है

समुद्र आयतित मदिरा की कीमतों को भी नियंत्रित किया गया है

राज्य में डिपार्टमेंटल स्टोर अब अपने जिले में स्थित शराब ठेके से ही शराब ले सकेंगे इससे डिपार्टमेंटल स्टोर की मनमानी पर लगाम लग सकेगी

दैवीय आपदा या धरना प्रदर्शन के दौरान बंद रहने वाली दुकान का जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर उस अवधि का राजस्व माफ करने का प्रावधान किया गया है।

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