देहरादून पन्नू हत्याकांड में आरोपी अमित बरी_ HC ने पलटा पॉक्सो कोर्ट का फैसला,कार में मिली थी मासूम की लाश..

ख़बर शेयर करें


उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने वर्ष 2013 में 7 वर्षीय मासूम बच्चे की कथित यौन उत्पीड़न और हत्या मामले में निचली अदालत की सजा के आदेश को खारिज करते हुए आरोपी अमित कौशल को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।


मामला 23 अगस्त 2013 का है, जब देहरादून जिले के डोईवाला के घर से 7 वर्षीय मासूम पुन्नू अचानक लापता हो गया। अगले दिन बच्चे का शव अभियुक्त के पारिवारिक परिसर में खड़ी एक एस्टीम कार से बरामद हुआ। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की जांच के बाद पुलिस ने अमित कौशल को गिरफ्तार कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट/विशेष पॉक्सो जज ने अप्रैल 2018 में अमित कौशल को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302, 377, 201 और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति रवींद्र मैठानी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने इस आपराधिक अपील पर सुनवाई की। बचाव पक्ष की अधिवक्ता ममता बिष्ट ने तर्क दिया कि पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि अपराध किस प्रकार और किसने किया। इसमें उनकी सहभागिता नहीं है।

खंडपीठ ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि जिस कार में बच्चे का शव मिला, उसका मालिकाना हक केवल आरोपी के पास ही था। पुलिस जांच के दौरान कार की चाबी आरोपी के पास नहीं, बल्कि परिवार के अन्य सदस्य (मां) के पास थी। इसके अलावा, फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी कार की सीट या कवर पर कोई खून या दुष्कर्म का अंश नहीं मिला।


उच्चतम न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 का लाभ अभियोजन की कमियों को छिपाने के लिए नहीं लिया जा सकता। केवल किसी संयुक्त पारिवारिक परिसर में खड़ी कार से शव मिलने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हत्या आरोपी ने ही की है।


सभी तथ्यों, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का गहन अध्ययन करने के बाद खंडपीठ ने निचली अदालत के 2018 के सजा के आदेश को रद्द कर दिया। न्यायालय ने आरोपी अमित कौशल को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए तुरंत जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए हैं, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

Ad
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *