आओं मनाऐं तीज-त्यौहार,बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाऐं

नैनीताल (GKM news समीर शाह रिपोर्ट) नैनीताल में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखते हुए माँ दुर्गा, कार्तिकेय, गणेश, सरस्वती व् लक्ष्मी की मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण को किसी तरह की हानि ना हो। मूर्तियों के निर्माण में मिट्टी, बाँस, प्राकृतिक रंग और कपड़े समेत अन्य पर्यावरण प्रिय वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है। देश भर में दुर्गा महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। नैनीताल के प्रतिष्ठित माँ नन्दा देवी मंदिर में इन दिनों दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, यहाँ माँ की मूर्ति को बनाने में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 4 अक्टूबर को इन मूर्तियों को प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों के दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा। साथ ही विजय दशमी के दिन इन मूर्तियों को नगर भ्रमण के बाद झील में विसर्जित किया जाएगा। नैनीताल पहुचे मूर्तिकार कविराज साना ने बताया की मूर्ति बनाने के लिए दोमट और चिकनी मिट्टी में धान की भूसी को मिलाने के बाद, धान की पुवाल का ढांचा तैयार कर मिट्टी का लेप लगा कर आकार दिया जाता है। जिसको सूखने के बाद रंग किया जाता है। बताया कि मूर्ति बनाने में उन्हें 1 माह का समय लग जाता है।बाइट – कविराज साना, मूर्तिकार



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