मुख्यमंत्री त्रिवेद्र के महिला सुरक्षा के दावों को हवा में उछाल रहा एक थाना प्रभारी

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देहरादून (GKM news वरिष्ठ संवादाता) डीजीपी साहब आपके मुख्यालय की बंद आखो का फायदा आपकी पुलिस किस तरह उठा रही है,,,,,एक बुजुर्ग महिला अपना घर होते भी घर से ही बेघर ? शायद आप अनजान।

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राजधानी के ईमानदार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की छवि को धूमिल करने के लिए एक थाना प्रभारी किस हद तक जाकर गिर रहा है? लिखते हुए भी शर्म आ जाती है।

70 वर्षीय विधवा महिला को उसके जेठ ,देवर और उनके परिजन मार कर निकाल देते हैं (जबकि सरकारी दस्तावेजो में महिला का अलग से हिस्सा दर्ज है ) महिला पिटाई के डर से अपने रिश्तेदारों के साथ सहारनपुर चली जाती है। पुलिस को प्रार्थना पत्र भी देती है सुरक्षा को ले कर, पुनः जब वह अपने रिश्तेदारों के साथ अपने घर में आती है तो उसके घर में जाने वाले मुख्य रास्ते को ईंट बजरी, लोहे के सरियों आदि से बंद कर मुख्य दरवाजे पर ताला लगा मिलता हैं घर मे जाने का रास्ता बंद,,,,,आखिर किसकी शह है।

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किसी तरह रिश्तेदारों के साथ पीछे के रास्ते से अपने घर में घुसती है। तो राजधानी के जांबाज थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ महिला व उसके साथ आये रिस्तेदारो को मकान से निकालकर थाने लाने का फरमान जारी कर देते हैं, महिला के वैध कागजो को देखना तो दूर थाना प्रभारी उनका गालियों से स्वागत करते हैं कुछ समाजसेवी महिलाओं द्वारा विरोध करने पर थाना प्रभारी फरमान जारी करते हैं कि 70 वर्षीय विधवा महिला अकेली अपने घर में रह सकती है। कोई उसके साथ नहीं रहेगा…. हैं ना दकियानूसी फरमान,,,गज़ब का

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अकेली महिला जो ठीक से चल भी नही सकती अपने घर पर अपने रिस्तेदारो के साथ भी नही रह सकती हैं अकेले रहेगी अगर रहना है तो उसको,,,,,,ऐसा हम नही राजधानी के जवाज़ थाना प्रभारी कहते है

सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश किसी भी व्यक्ति के घर को जाने का रास्ता बंद नहीं किया जा सकता। लेकिन थाना प्रभारी साहब ठहरे सुप्रीम कोर्ट से बड़े सुप्रीमो,, उनके लिए ना तो राजधानी के एसएसपी कुछ मायने रखता है ना पुलिस मुख्यालय का डर…. हम थाना प्रभारी, हम जो फैसला कर देंगे उस पर ना तो एसएसपी कुछ कर सकता है, ना पुलिस मुख्यालय…. हम जो अधिकारियों को बोलेगे वही होगा,,,जा जहां से शिकायत कर सकती है कर ले।

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बडा सवाल??????

क्या बुजुर्ग विधवा महिला को उसके घर पर सेवा भाव से पहुचाना मित्र पुलिस के कर्तव्य को पुलिस मुख्यालय निभाएगा या थानेदार को बुज़ुर्ग महिला का उत्पीड़न करने की खुली छूट देगा,,,,

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