Uttrakhand : पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश, 179 सड़कें बंद_नैनीताल में गौला-कोसी-नंधौर पर नजर

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नैनीताल/देहरादून/अल्मोड़ा/ चंपावत/ पिथौरागढ़/बागेश्वर

उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें मलबे में दब गई हैं, कहीं बरसाती नाले उफान पर हैं तो कहीं नदी का बढ़ता पानी लोगों के लिए खतरा बन गया है। इस बीच अलग-अलग बारिश जनित हादसों में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

बारिश के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की है, जिनके घरों तक पानी और मलबा पहुंच रहा है। किसी ने अपना घर खोया है तो किसी परिवार से मासूम बेटी हमेशा के लिए दूर हो गई। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार मोर्चे पर हैं, लेकिन मौसम की बेरुखी ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

नैनीताल में 47 सड़कें बंद, पहाड़ से मैदान तक आवाजाही प्रभावित

नैनीताल जिले में लगातार बारिश का असर सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है। 2 सितंबर 2026 की सुबह 9:30 बजे जारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 47 सड़कें बाधित हैं।

इनमें 3 राज्य मार्ग, 2 मुख्य जिला मार्ग, 1 अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। कई जगह भूस्खलन और मलबा आने से रास्ते बंद हुए हैं।

बंद मार्गों में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना राज्य मार्ग-62, खनस्यू-पतलोट राज्य मार्ग-64 और काठगोदाम-सिमलियाबैड राज्य मार्ग-103 प्रमुख हैं।

इसके अलावा नौकुचियाताल-जंगलीयागांव, मीना-ल्वेशाल-कालापातल, घोड़िया-हल्सो, रातीघाट-बुधलाकोट, मंगोली-थापला, पंगोट-देचौरी समेत कई ग्रामीण मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित है।

संबंधित विभागों की टीमें लगातार सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं।

24 घंटे में 217 मिमी बारिश, नैनीताल में सबसे ज्यादा असर

पिछले 24 घंटों में नैनीताल जिले में बारिश ने जमकर कहर बरपाया। नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा श्री कैंची धाम में 105 मिमी, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7-107.7 मिमी, खनस्यू में 92.5 मिमी और बेतालघाट में 80.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है।

गौला, कोसी और नंधौर पर प्रशासन की नजर

लगातार बारिश के बीच नैनीताल जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

सुबह 9:30 बजे तक बैराजों से दर्ज डिस्चार्ज के अनुसार

गौला नदी – 18,612 क्यूसेक
कोसी नदी – 25,068 क्यूसेक
नंधौर नदी – 1,058 क्यूसेक

बारिश का दौर जारी रहने के कारण पहाड़ों से आने वाला पानी अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

एक मासूम बेटी चली गई, परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म

बारिश की सबसे दर्दनाक तस्वीर नैनीताल के भीमताल से सामने आई, जहां 1 सितंबर को नाले में बहने से तीन वर्षीय पिहू पुत्री भुवन राम की मौत हो गई।

एक परिवार की छोटी सी दुनिया पलभर में उजड़ गई। जिस बच्ची की हंसी से घर गूंजता था, उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

प्रशासन ने घटना को दैवीय आपदा के अंतर्गत माना है और पीड़ित परिवार को राहत राशि दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि बरसात के दौरान उफनते नाले और नदी कितने खतरनाक हो सकते हैं।

पाण्डेछोड़ में 20 परिवारों को मवेशियों समेत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

नैनीताल तहसील के अल्चौना-पाण्डेछोड़ गांव में ककड़िया नाले का पानी और मलबा बढ़ने के बाद घरों और गौशालाओं पर खतरा मंडराने लगा।

हालात को देखते हुए प्रशासन ने 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों समेत गांव के भीतर ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया।

इन परिवारों के लिए यह वक्त बेहद मुश्किल है। जिन घरों में रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब पानी और मलबे का खतरा बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित रखना है।

54 भवन क्षतिग्रस्त, एक मकान पूरी तरह तबाह

नैनीताल जिले में बारिश और अतिवृष्टि से अब तक 54 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि एक भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है।

इसके अलावा दो पशुहानि और तीन गौशालाओं को नुकसान की सूचना है।

राहत की बात यह है कि प्रशासन के मुताबिक जिले में बिजली और पेयजल आपूर्ति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

देहरादून में दो बच्चे लापता, SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

बारिश के बीच देहरादून से भी चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। थाना रायपुर और पटेलनगर क्षेत्र से 10 और 12 साल के दो बच्चे मंगलवार से लापता हैं।

रायपुर क्षेत्र के बालावाला से लापता बच्चे के नहर में डूबने की सूचना के बाद रात से ही तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

वहीं चंद्रबनी क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय सम्राट गोपी की तलाश में भी एसडीआरएफ की टीम जुटी हुई है।

परिजनों की निगाहें अब राहत और बचाव टीमों की ओर टिकी हैं।

अल्मोड़ा में पांच लोगों ने गंवाई जान

बारिश से सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक अल्मोड़ा में सामने आई, जहां घर में मलबा घुसने से मां और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

पौड़ी के कोटद्वार में कोल्हू नदी में बाइक समेत बह जाने से एक महिला और उसकी एक साल की बेटी की मौत हुई, जबकि महिला का पति सद्दाम बच गया।

पौड़ी के पैठाणी क्षेत्र में पश्चिमी नयार नदी में बहने से एक महिला की मौत हुई।

देहरादून के प्रेमनगर में बरसाती रपटे में दो कारों के बह जाने से दो लोगों की जान चली गई।

उत्तरकाशी में झील से एक अज्ञात व्यक्ति का शव भी बरामद हुआ है।

नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार, चैनल खोले गए

नैनीताल में नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार होने के बाद चैनल खोल दिए गए हैं। वहीं कैंची धाम में शिप्रा नदी और हल्द्वानी में गौला नदी उफान पर हैं।

बारिश लगातार जारी रहने की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

उत्तराखंड में 179 सड़कें बंद

बारिश के चलते पूरे उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क पर भी बड़ा असर पड़ा है। राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 179 सड़कें बंद हैं।

जिलेवार स्थिति के मुताबिक

अल्मोड़ा में 23, बागेश्वर में 11, चमोली में 17, चंपावत में 2, देहरादून में 15, नैनीताल में 47, पौड़ी में 12, पिथौरागढ़ में 12, रुद्रप्रयाग में 11, टिहरी में 15 और उत्तरकाशी में 14 मार्ग बंद हैं।

सड़कें बंद होने के कारण कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आज प्रदेशभर में बारिश, तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है।

नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

वहीं प्रदेश के बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर के जिलाधिकारियों ने 2 सितंबर को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।

प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

अगले तीन दिन भी राहत के आसार कम

3 सितंबर_ देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के तेज से अति तेज दौर की संभावना है।

4 सितंबर:नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

5 सितंबर: देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में बारिश के तेज से अति तेज दौर और आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी।

लोगों से अपील_नदी और नालों से दूरी बनाए रखें

लगातार बारिश के बीच सबसे जरूरी है कि लोग सावधानी को हल्के में न लें। उफनते नाले या नदी को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। नदी किनारे जाने से बचें और पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

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