उत्तराखंड के दो शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार,देहरादून में शैलेश मटियानी पुरस्कार से नवाज़े गए यह चुनिंदा शिक्षक..

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शिक्षक दिवस पर उत्तराखंड में कई जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वहीं राजभवन में भी शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह के साथ शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत मौजूद रहे. इस दौरान राजभवन में राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के द्वारा शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से भी 40 शिक्षकों को सम्मानित किया गया. साल 2018 के लिए जहां 11 शिक्षकों को शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया तो वहीं 2021 के लिए 29 शिक्षकों को शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

नकद राशि के साथ किया सम्मानित
शैलेश मटियानी पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को नकद राशि के साथ-साथ प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया गया. वहीं 2 साल का सेवा विस्तार भी शैलेश मटियानी पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को मिलेगा. राज्यपाल गुरमीत सिंह और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने पुरस्कार पाने वाले सभी शिक्षकों के साथ प्रदेश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की भी शुभकामनाएं दी. वहीं टीचर्स डे पर शैलेश मटियानी राज्य पुरस्कार से सम्मानित हुए तमाम शिक्षक भी उत्साहित हैं उनका कहना है कि राज्य सरकार का ही सराहनीय कदम है. इस तरह से अध्यापकों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और शिक्षा के क्षेत्र में और अच्छे काम किए जाते हैं.

शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षकों को बधाई दी 
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि मैं सभी शिक्षकों को बधाई देना चाहता हूं. शिक्षक दिवस पर उत्तराखंड सरकार के द्वारा हर विद्यालय में हर ब्लॉक स्तर पर हर जिला मुख्यालय में और प्रदेश मुख्यालय में उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया  है जिन्होंने अपने-अपने विद्यालय में या अपने ब्लॉक, जिले या फिर प्रदेश में बहुत अच्छा उत्कृष्ट काम किया है. सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया है. सभी शिक्षक बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार अपने विद्यालयों में कुछ अभिनव प्रयोग करने जा रहे हैं.

उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह ने इस दौरान बताया कि हमें बहुत खुशी हुई कि पूरे उत्तराखंड के पूरे परिवार ने मिलकर हमारे शिक्षकों को शैलेश मटियाली जी का पुरस्कार दिया. हमारे शिक्षक हमारे समाज को संगठित करते हैं, जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल में आने वाले 25 सालों में जो विकसित भारत का संकल्प है. उस प्रकार से हमको अपने संकल्पों से अपने प्रदेश को अगले दशक के लिए तैयार करना है. हमारे शिक्षकों का बहुत बड़ा रोल है औऱ आज बहुत खुशी हुई कि जिस प्रकार से हमारे शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि न्यू एजुकेशन पॉलिसी 2020 जिस प्रकार से लागू की गई है और जो स्टेप्स लिए गए हैं वो अपने आप में बहुत बड़ा मापदंड है.

2 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार

आज शिक्षक दिवस के मौके पर देहरादून से लेकर दिल्‍ली तक उत्‍तराखंड के शिक्षकों को सम्‍मानित किया गया। आज दिल्‍ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के 46 शिक्षकों को स्कूली शिक्षा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ से सम्मानित किया।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में देशभर के 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए इसमें उत्तराखंड के भी 2 शिक्षक मौजूद थे, उत्तराखंड के दोनों शिक्षकों का नाम प्रदीप नेगी और कौस्तुभ चंद्र जोशी है। नैनीताल में प्रतापपुर-चकालुआ स्थित एसडीएस राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी हैं और हरिद्वार में बीएचईएल इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षक प्रदीप नेगी उत्तराखंड से पुरस्कार पाने वालों में हैं।

उत्‍तराखंड से सम्‍म‍ानित होने वाले शिक्षकों में प्रदीप नेगी और कौस्तुभ चंद्र जोशी का नाम शामिल है। बता दें कि शिक्षा मंत्रालय देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करने के लिए हर साल पांच सितंबर को विज्ञान भवन में एक समारोह आयोजित करता रहा है।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अपने शिक्षकों को स्‍मरण किया और कहा कि शिक्षकों ने न केवल उन्हें पढ़ाया बल्कि उन्हें प्यार और प्रेरणा भी प्रदान की। अपने परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर ही वह कॉलेज जाने वाली अपने गाँव की पहली बेटी बनीं। उन्‍होंने कहा कि उसने जीवन में जो कुछ भी अर्जित किया है उसके लिए वह सदैव अपने शिक्षकों की ऋणी अनुभव करती हैं।

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