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टोक्यो ओलंपिक : मुक्कों की बरसात से आयगा सोना.. वर्ल्ड चैम्पियन रही इस खिलाड़ी से पूरे देश को है गोल्ड की उम्मीद…

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नई दिल्ली / टोक्यो : टोक्यो ओलंपिक शुरू होने में सिर्फ 6 दिन बाकी हैं. खेलों का महाकुंभ ओलंपिक इस बार भारत के लिए खास साबित हो सकता है. ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि भारत के एथलीट देश को रियो ओलंपिक की अपेक्षा ज्यादा पदक दिलाएंगे. भारत को सबसे ज्यादा पदक जीतने की उम्मीद मुक्केबाजी से है. टोक्यो ओलंपिक में देश के नौ मुक्केबाज भाग लेंगे जिससे पहली बार इस खेल में पदक की सबसे अधिक उम्मीदें लगाई जा रही हैं. भारत के पांच पुरुष और चार महिला मुक्केबाज 24 जुलाई से सूमो कुश्ती स्थल रियोगोकु कोकुजिकान में अपना दमखम दिखाएंगे.

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ओलंपिक में भारत की तरफ से भाग लेने वाले सभी मुक्केबाजों पर एक नज़र

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इस बार टोक्यो ओलंपिक में देश के 9 मुक्केबाजों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है. टोक्यो ओलंपिक की शुरूआत 23 जुलाई से होेने जा रही है. भारतीय मुक्केबाजी दल में मैरी कॉम, अमित पंघाल, मनीष  कौशिक जैसे बॉक्सर शामिल हैं.

भारतीय मुक्केबाजी में यदि कोई नाम परिचय का मोहताज नहीं है तो वह 38 वर्षीय एमसी मैरी कॉम है. उनकी निगाह दूसरे ओलंपिक पदक पर टिकी हैं. मैरी कॉम के नाम पर असंख्य उपलब्धियां हैं। वह छह बार की विश्व चैंपियन है और लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीत चुकी है. वह पिछले दो दशक से भी अधिक समय में रिंग में बनी हुई हैं. मैरी कॉम को यह स्वीकार करने में हिचक नहीं कि वह पहले की तुलना में धीमी पड़ गयी हैं लेकिन उन्होंने स्वयं को मजबूत बनाया ताकि उनके घूंसे दमदार बनें. देखना होगा कि वह अपनी युवा प्रतिद्वंद्वियों का सामना कैसे करती हैं. वह भारत के दो ध्वजवाहकों में से एक है.

मैरी कॉम ने सन् 2001 में प्रथम बार नेशनल वुमन्स बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती। अब तक वह 10 राष्ट्रीय खिताब जीत चुकी है. बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष २००३ में उन्हे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया एवं वर्ष 2006 में उन्हे पद्मश्री से सम्मानित किया गया. जुलाई २९, २००९ को वे भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुनीं गयीं

उन्होंने 2019 के प्रेसिडेंसीयल कप इोंडोनेशिया में 41 किग्रा भार वर्ग में यह स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एप्रिल फ्रैंक को 0 5 से हराकर यह स्वर्ण पदक जीता. नई दिल्ली में आयोजित 10 वीं एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 24 नवंबर,2018 को उन्होंने 6विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनकर इतिहास बनाया.

इस बार टोक्यो ओलंपिक में पूरे देश की निगाह मैरी कॉम के मुक्को पर टिकी होंगी,साथ ही देश के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि इस बार ओलंपिक में मैरी कॉम देश के लिए सोना ज़रूर लायेंगी.

 

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