सोनम वांगचुक की रैली में जाने से पहले उठाए गए प्रभात ध्यानी, रिहा_HC में गिरफ्तारी का आधार कल बताएगी सरकार

ख़बर शेयर करें

ब्रेकिंग न्यूज़_ उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को राज्य सरकार ने बताया कि उन्होंने सोनम वांगचुक की रैली में शामिल होने जा रहे परिवर्तन पार्टी अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को रिहा कर दिया है। अब वो कल न्यायालय को बताएंगे कि उन्होंने प्रभात को क्यों अगवा किया था।


ऊत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी को ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से रामनगर पुलिस ने रविवार शाम 5 बजे अगवा किया था। प्रभात ध्यानी सोनम वांगचुक के दिल्ली स्थित जंतर मंतर में प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए निकले थे। यहां शिक्षा में सुधार संबंधी मांगों को लेकर कॉलेज के युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं।


इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए विदा होने से पहले प्रभात ध्यानी ने एक फेसबुक पोस्ट डाला था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि सोनम वांगचुक के आंदोलन को हमारी पार्टी का समर्थन है। हम, 20 जुलाई के जंतर मंतर-संसद मार्च में शामिल रहेंगे, धर्मेंद्र प्रधान बर्खास्त हो।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें ऋषिकेश रेलवे स्टेशन में ट्रेन के जर्नल बोगी से अगवा कर लिया। पुलिस ने अगवा करने की सूचना परिजनों को नहीं दी, जबकी परिजन पूरी रात उन्हें तलाशते रहे। देररात उन्हें, इस बात की जानकारी मिली तो पुलिस इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हुई।


पार्टी के महासचिव लालमणि की तरफ से आई याचिका पर अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी ने बहस की। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने सवेरे सरकार से इसपर जवाब मांगा तो दोपहर में सरकार ने कहा कि उन्होंने प्रभात ध्यानी को रिहा कर दिया है। इसपर न्यायालय ने पूछा कि किस आधार पर आपने इन्हें पकड़ा जिसका जवाब सरकार न्यायालय में मंगलवार को देगी।


वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

Ad
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *