मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के आरोपी संतोष राय की रिहाई का रास्ता साफ_हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

ADVERTISEMENTS Ad Ad
ख़बर शेयर करें

ब्रेकिंग न्यूज़_ उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से आजीवन कारावास की सजा काट चुके कैदियों की रिहाई से जुड़े मामले में मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के आरोपी संतोष राय समेत एक अन्य कैदी के कागजात जेल पहुंचने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका और अन्य कैदियों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कैदियों को रिहा न करने पर पूर्व में राज्य सरकार से जवाब मांगा था। राज्य सरकार ने काउंटर दाखिल कर कुछ कैदियों की रिहाई संबंधी सूची पेश की।


आपको बता दें की यह मामला उत्तराखंड सरकार की समयपूर्व रिहाई यानी ‘प्रीमैच्योर रिलीज पॉलिसी’ के क्रियान्वयन से जुड़ा है। याचिका में उन कैदियों की रिहाई का मुद्दा उठाया गया है, जो 14 साल या उससे अधिक समय से जेल में बंद हैं। इनमें कई कैदी 20 से 25 वर्ष तक की सजा काट चुके हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि राज्य सरकार की नीति के तहत पात्र कैदियों की समयपूर्व रिहाई के मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उम्रकैद का अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि कैदी को हर परिस्थिति में जीवनभर जेल में ही रहना पड़े। हालांकि, रिहाई का निर्णय संबंधित नीति, पात्रता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अधीन होगा।


सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने पहले कुछ कैदियों की रिहाई से संबंधित जानकारी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से एक और सूची उपलब्ध कराई गई, जिसमें कुछ अन्य कैदियों के नाम शामिल थे। दो कैदियों के मामले में अदालत ने आदेश देते हुए कहा कि संबंधित दस्तावेज जेल पहुंचने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाए।

अदालत को बताया गया कि इस संबंध में जुलाई और सितंबर में भी बैठकें हुई थीं। जेल प्रशासन की ओर से समयपूर्व रिहाई के पात्र मामलों पर कार्रवाई की जा रही है और चरणबद्ध तरीके से कैदियों को रिहा किया जा रहा है। हालांकि, अब तक कुल कितने कैदियों को रिहा किया गया है, इसका सटीक आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

आरोपी संतोष राय की वरिष्ठ अधिवक्ता मनीषा भंडारी ने बताया कि मामले में उनके साथ अधिवक्ता प्रीतिश आर्या और शाश्वत सिद्धांत ने बहस की।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

Ad Ad Ad Ad Ad
लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *