नैनीताल : जहां मिड-डे मील का हिसाब मांगना हो गया अत्यधिक महंगा_यहां घपला दिखता है…


उत्तराखण्ड में नैनीताल के आर.टी.आई.कार्यकर्ता का दावा, शिक्षा विभाग से मध्यान भोजन की सूचना मांगी तो अधिकतर ब्लॉक विद्यालयों ने दे दी, लेकिन रामगढ़ ब्लॉक के उप शिक्षाधिकारी कार्यालय ने वैसी ही सूचना देने के लिए एक लाख अट्ठाइस हजार सोलह रुपए की फीस मांग दी।
हल्द्वानी निवासी आर.टी.आई.एक्टिविस्ट हेमंत गौनिया ने शिक्षा विभाग के नैनीताल जिले के सभी आठ ब्लाकों से 10 वर्ष में विद्यालय में दूध, अंडों और मध्यान भोजन का हिसाब मांग लिया। उन्हें, इसकी सूचना सभी ब्लॉकों ने तो दे दी लेकिन रामगढ़ ब्लॉक के उप शिक्षाधिकारी कार्यालय ने उसी सूचना को देने के लिए 1 लाख 28 हजार और 16 रुपए(₹1,28,016/=) की फीस जमा करने को कह दिया।
हेमंत ने बताया कि ओखलकांडा ब्लॉक के ककोडगाजा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने ₹2000/= की फीस मांगी, हल्द्वानी ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज लालकुआं ने ₹1680/= रुपए की फीस मांगी, भीमताल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज पटगांव ने ₹1686/= की फीस मांगी, राजकीय इंटर कॉलेज ओखलकांडा ने ₹1240/= रुपए की फीस मांगी, राजकीय इंटर कॉलेज पदमपुर मिडार ने ₹2000/= की फीस मांगी जिसे जमा कर दिया गया।
ऐसी ही 10 वर्ष की सूचना को राजकीय इंटर कॉलेज गहना ने तीन पत्रों में निःशुल्क दिया और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवपुरा कोटाबाग ने छह पत्रों में निःशुल्क दी।
उन्होंने संवाल ये उठाया है कि जब स्कूल निःशुल्क और सामान्य शुल्क लेकर सूचना मुहैय्या करा रहे हैं, तो इस विद्यालय में उसी के लिए लाखों रुपए क्यों मांगे जा रहे हैं ? आरोप लगाया कि वहां मध्यान भोजन और अंडा दूध के सरकारी रजिस्टर भरे ही नहीं जाते। सूचना न मांगी जाए इसलिये उनसे अत्यधिक रुपया वसूला जा रहा है।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com




पहाड़ों में संभलकर निकलें, मौसम फिर बिगड़ने के आसार..
हिमालय हमारे अस्तित्व का आधार है_ UOU में हिमालय दिवस पर संरक्षण का संदेश
Big Update_सुप्रीम कोर्ट में 18 नवंबर को अहम सुनवाई_ बनभूलपुरा रेलवे मामला..
सुप्रीमकोर्ट_ बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले की सुनवाई टली..जानिए Update
हल्द्वानी पहुंचे CM धामी, जनता से मिले और सुनीं जनसमस्याएं