आप के खेमे में भूचाल_“आए थे तवायफों के कोठे बंद कराने, सिक्कों की ठनकार सुनी और खुद ही मुजरा कर बैठे”


अरविंद केजरीवाल की आप में भूचाल आ गया है। _आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इस खबर के सामने आते ही आम आदमी पार्टी खेमे में हलचल मच गई। यहां तक कि आप के सांसद संजय सिंह ने इसे ‘ऑपरेशन लोट्स’ करार दिया। क्योंकि राघव चड्ढा के साथ आप के छह और राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने की चर्चा है।
इसको लेकर पंजाब कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि वे आए थे तवायफों के कोठे बंद कराने, सिक्कों की ठनकार सुनी और खुद ही मुजरा कर बैठे… यह कोट अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की पॉलिटिक्स पर एकदम फिट बैठता है।
सुखपाल सिंह खैरा ने आगे लिखा कि आज दलबदल तो होना ही था क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने आप की असली आइडियोलॉजी को पूरी तरह धोखा दिया था और अब सिर्फ पैसे की पॉलिटिक्स कर रहे हैं!
आज दलबदल करने वाले ज्यादातर राज्यसभा सांसद का आप के उसूलों और आइडियोलॉजी से कोई लेना-देना नहीं था और उन्होंने सांसद नॉमिनेशन पाने के लिए पैसे दिए थे, इसलिए ऐसा होना ही था! अरविंद केजरीवाल अब किंग साइज की जिंदगी जी रहे हैं, जिसका वाटरलू 2027 में पंजाब इलेक्शन के बाद होगा, जब आप न सिर्फ अपना नेशनल स्टेटस खो देगी बल्कि इंडिया के पॉलिटिकल सीन से भी खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही खैरा ने पोस्ट में केजरीवाल की तस्वीर की लगाई है।
अरविंद केजरीवाल के लिए ‘जोर का झटका
दरअसल, पिछले कुछ महीनों से जिस तरह से राघव चड्ढा को पार्टी में अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही थी, उससे साफ हो गया था कि आने वाले समय में अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को ‘जोर का झटका, बहुत जोर से लगना’ तय है।
अगर मौजूदा राजनीतिक हालात की बात करें तो राघव चड्ढा के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा कर दी। अगर इन नेताओं की राजनीतिक और व्यक्तिगत उपलब्धियों को देखें, तो इनका आप से बाहर निकलना सही मायनों में अरविंद केजरीवाल के लिए ‘जोर का झटका, बहुत जोर से लगना’ माना जा सकता है।
कौन हैं राघव चड्ढा?
राघव चड्ढा राजनीति में आने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ली है। राघव चड्ढा के राजनीतिक जीवन की शुरुआत ही आम आदमी पार्टी के साथ हुई थी। पार्टी के गठन के समय भी चड्ढा अरविंद केजरीवाल के साथ थे। 24 वर्ष की आयु में, उन्होंने 2012 में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने में सहयोग किया। टीवी पर वह पार्टी और संगठन का पक्ष रखते रहे और जल्द ही वह पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा बन गए।
सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने राघव चड्ढा भारतीय राजनीतिक दलों में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने। वह पूर्व में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इससे पहले वे 2020 से मार्च 2022 तक दिल्ली के राजेंद्र नगर निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक रहे।
इस दौरान वह दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं। फिलहाल वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और इस पद पर वे अप्रैल 2022 से हैं। हालांकि, पिछले दिनों उन्हें पार्टी की तरफ से राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया गया था। इसके बाद से ही माना जा रहा था कि राघव चड्ढा जल्द ही अपनी राजनीतिक सफर में नए रास्ते तलाश सकते हैं।
संदीप कुमार पाठक कौन हैं?
डॉ. संदीप कुमार पाठक भी 2022 से पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं और इसके साथ ही वह पार्टी में संगठन महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे थे। संदीप पाठक ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और अपनी असाधारण सियासी गणित और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते हैं। साल 2022 के पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
संदीप पाठक ने छत्तीसगढ़ से स्नातकोत्तर की उपाधि ली और फिर हैदराबाद और पुणे में पढ़ाई करने के बाद वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय गए, जहां से उन्होंने डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
कौन हैं अशोक मित्तल ?
पार्टी छोड़ने वालों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल का माना जा रहा है। अशोक मित्तल को आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर राज्यसभा में उपनेता बनाया था।
अब अशोक मित्तल ने भी राघव चड्ढा के साथ पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक कुलाधिपति भी हैं। आम आदमी पार्टी ने डॉ. अशोक कुमार मित्तल को पंजाब से राज्यसभा भेजा। वह साल 2022 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। फिलहाल वह राज्यसभा में आप के उपनेता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
ताजा अपडेट
आम आदमी पार्टी को 2012 में अपने गठन के बाद से अबतक का सबसे बड़ा सियासी झटका लगा है। लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो अन्य पार्टी सांसदों के साथ ‘आप’ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसके पहले उन्होंने पार्टी सांसदों के साथ भाजपा में विलय की घोषणा की था। यह भी एलान किया कि उनके साथ पार्टी के 2/3 राज्यसभा सांसद हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सामने दिल्ली में भी विधायकों बड़ी टूट का खतरा मंडराने लगा है।
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर यह कहकर बम फोड़ दिया कि उनके साथ दो-तिहाई सांसद न सिर्फ पार्टी छोड़ रहे हैं, बल्कि इसका बीजेपी में विलय कर रहे हैं। राघव चड्ढा के साथ ऐसा करने वाले 6 अन्य सांसदों का भी नाम सामने आया है। लेकिन, बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि असल में यह संख्या 8 होना है, जिनमें से एक ‘आप’ सांसद का अभी विलय पत्र पर हस्ताक्षर बाकी रह गया है।
’15 आम आदमी पार्टी एमएलए भी संपर्क में’
राघव चड्ढा के साथ पार्टी के बीजेपी में विलय की घोषणा करने प्रेस कांफ्रेंस में आए दो अन्य सांसदों में संदीप कुमार पाठक और अशोक कुमार मित्तल भी शामिल हैं। अब दिल्ली बीजेपी के एक पदाधिकारी ने नाम नहीं जाहिर होने देने की शर्त पर एनबीटी ऑनलाइन को बताया है कि अभी दिल्ली विधानसभा में खेल होना तो बाकी ही है।



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