कार्बेट टाइगर रिजर्व घोटाले के मुकदमे हल्द्वानी से देहरादून CBI कोर्ट ट्रांसफर

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ब्रेकिंग न्यूज़ – उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व घोटाले में विजिलेंस के मुकदमों को हल्द्वानी से देहरादून की सी.बी.आई.कोर्ट ट्रांसफर किये, जिसमें फारेस्ट के 8 अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।


उच्च न्यायालय ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुए कथित भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण मामले में बड़ा आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की एकलपीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सी.बी.आई.)की अर्जी को स्वीकार करते हुए हल्द्वानी कोर्ट में लंबित विजिलेंस के दो आपराधिक मामलों को देहरादून स्थित विशेष भ्रष्टाचार निवारण(सी.बी.आई.)कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि सी.बी.आई.इस मामले की विस्तृत जांच पूरी कर देहरादून की नोटिफाइड सी.बी.आई.अदालत में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, इसलिए हल्द्वानी में स्पेशल जज(पी.सी.एक्ट)के सामने समानांतर कार्यवाही जारी रखने से अधिकार क्षेत्र का टकराव और प्रक्रियात्मक विसंगतियां पैदा होंगी।


​ न्यायालय के इस आदेश के बाद अब विजिलेंस के दो प्रमुख मुकदमों- ‘मिसलेनियस क्रिमिनल केस नंबर 01/2023 (राज्य बनाम बृज बिहारी शर्मा)’ और ‘मिसलेनियस क्रिमिनल केस नंबर 22/2023 (राज्य बनाम किशन चंद)’ की सुनवाई देहरादून सी.बी.आई.कोर्ट में होगी।

यह पूरी कानूनी कार्यवाही विजिलेंस इस्टैब्लिशमेंट, हल्द्वानी (नैनीताल सेक्टर) द्वारा वर्ष 2022 में दर्ज की गई एफ.आई.आर.संख्या 06/2022 से जुड़ी हुई है।

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, निष्पक्ष व सुचारू सुनवाई सुनिश्चित करने और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए इन मामलों को स्पेशल जज, पी.सी.एक्ट, कुमाऊं क्षेत्र (हल्द्वानी)की अदालत से तत्काल देहरादून ट्रांसफर किया गया है।


​सी.बी.आई.की इस चार्जशीट में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तत्कालीन डायरेक्टर सहित 8 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी आरोपी बनाए गए हैं।

मुख्य आरोपियों में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व(रामनगर, नैनीताल)के तत्कालीन डायरेक्टर राहुल, कालागढ़ टाइगर रिजर्व डिवीजन(लेंसडाउन)के तत्कालीन उप वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद और तत्कालीन उप वन संरक्षक/डी.एफ.ओ. अखिलेश तिवारी शामिल हैं।

इन वरिष्ठ अधिकारियों पर रिजर्व क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं, अवैध कटान और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप हैं।


​इनके अलावा, इस घोटाले में शामिल अन्य फील्ड स्टाफ को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें सोनानदी और पाखरो रेंज के तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) बृज बिहारी शर्मा, पाखरो रेंज के डिप्टी रेंजर मथुरा सिंह मवाड़ी, पाखरो रेंज के तत्कालीन फॉरेस्टर/वन दरोगा सुरेन्द्र सिंह, सोनानदी रेंज के तत्कालीन वन आरक्षी (फॉरेस्ट गार्ड) संदीप आर्या और पाखरो रेंज में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत तत्कालीन वायरलेस ऑपरेटर राजेश रावत के नाम भी शामिल हैं।

इन सभी के खिलाफ आई.पी.सी.की धारा 120-बी, 218, 409, 467, 471 के साथ-साथ वन(संरक्षण)अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

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