Watch_Haldwani महापौर ने थामी झाड़ू, शहर में सफाई की मुहीम_अब कब्जे भी हटेंगे..


हल्द्वानी। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मुहिम में मंगलवार को महापौर गजराज सिंह बिष्ट खुद मैदान में उतरे। नगर निगम हल्द्वानी-काठगोदाम की ओर से वार्ड संख्या 06 सुभाषनगर में हनुमत सेवा सदन के पास विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान महापौर ने खुद झाड़ू थामकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया और मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सड़कों और गलियों से हटाया कूड़ा-कचरा
अभियान के दौरान क्षेत्र की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई की गई। सफाई कर्मचारियों ने जगह-जगह जमा कूड़ा-कचरा हटाया। महापौर ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम की प्राथमिकता है। शहर के प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
लोगों से सहयोग की अपील
महापौर ने शहरवासियों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और नगर निगम के सफाई अभियानों में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है।
अभियान के दौरान नगर आयुक्त परितोष वर्मा, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, पार्षदगण, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com




Watch_Haldwani महापौर ने थामी झाड़ू, शहर में सफाई की मुहीम_अब कब्जे भी हटेंगे..
CM धामी ने मौके पर परखा काम_नन्दा की चौकी एप्रोच रोड का किया निरीक्षण
नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर बड़ा हादसा, खाई में पलटी कार..
Nainital_अस्पताल पहुंची नाबालिग 8 माह की गर्भवती निकली, पुलिस पहुंचती उससे पहले परिजन
राजकीय महाविद्यालय सतपुली में ‘व्यास पूजन, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर