इंस्पिरेशन में NEPऔर NCF पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न.. टीचिंग की नई तकनीक पर फोकस

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हल्द्वानी। बदलते शिक्षा परिदृश्य में शिक्षकों को नई सोच, नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में द इंस्पिरेशन स्कूल में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा प्रणाली, छात्र-केंद्रित शिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नवीन आयामों से परिचित कराना रहा।

यह कार्यशाला विद्यालय के निदेशक एवं मार्गदर्शक दीपक बलूटिया के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। एक प्रशिक्षित, प्रेरित और नवाचारी शिक्षक ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रख सकता है।

कार्यशाला का संचालन नई दिल्ली स्थित CRISP Education की विशेषज्ञ टीम ने किया। देशभर के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों के कौशल विकास और संस्थागत सुधार के लिए कार्यरत इस संस्था ने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा की नई अवधारणाओं से रूबरू कराया।

प्रशिक्षण सत्रों का संचालन शिक्षा विशेषज्ञ रजत कृष्णन, जैनेन्द्र मिश्रा एवं विनीत सांगवान ने किया। उन्होंने शिक्षकों को नई शिक्षा नीति-2020 अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning), दक्षता-आधारित मूल्यांकन (Competency-Based Assessment) समग्र शिक्षा, 21वीं सदी के आवश्यक कौशल तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यशाला के दौरान केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि समूह चर्चा, व्यावहारिक गतिविधियों, सहभागितापूर्ण अभ्यास और नवाचारी शिक्षण तकनीकों के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और छात्र-केंद्रित बनाने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए। शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लेते हुए नई शिक्षण विधियों को अपने विद्यालयी जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक एवं मार्गदर्शक दीपक बलूटिया ने कहा कि शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ऐसे समय में शिक्षकों का स्वयं को लगातार अपडेट रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वास्तविक आधार प्रशिक्षित, समर्पित और प्रेरित शिक्षक ही होते हैं। यदि शिक्षक आधुनिक सोच और नवाचार को अपनाते हैं, तो विद्यार्थी न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दो दिवसीय कार्यशाला का समापन नई सीख, सकारात्मक ऊर्जा और उत्कृष्ट शिक्षण के संकल्प के साथ हुआ। विद्यालय ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन का संकल्प व्यक्त किया, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

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