आदमखोर बाघ के आतंक से दहशत है_खोखले आश्वासन से क्या होगा :नीरज तिवारी

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उत्तराखण्ड के भदौनी क्षेत्र में आदमखोर बाघ के लगातार हमलों से दहशत का माहौल बना हुआ है। कई लोगों की जान जाने के बावजूद अब तक बाघ को मारने की अनुमति नहीं मिल पाने पर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

प्रदेश प्रवक्ता नीरज तिवारी ने इस पूरे मामले को प्रशासन की विफलता और संवेदनहीनता करार दिया है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा पहले आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही बाघ को मारने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

“खोखले आश्वासन, जनता के साथ विश्वासघात”

नीरज तिवारी ने आरोप लगाया कि बार-बार दिए गए आश्वासन अब खोखले साबित हो रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात है।

दहशत में जी रही है जनता*ल

स्थानीय लोग लगातार डर के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हर दिन जान का खतरा बना हुआ है, जबकि प्रशासन की ओर से अपेक्षित स्तर पर सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

नीरज तिवारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही आदमखोर बाघ को मारने की अनुमति जारी नहीं की गई और क्षेत्र में सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए, तो वे व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और वादाखिलाफी करने वाले जनप्रतिनिधियों की होगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की आवश्यकता है।

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