मुक्तेश्वर में अवैध इमारतों की जांच के सख़्त निर्देश..


नैनीताल/मुक्तेश्वर

कुमाऊं की शांत और सुरम्य वादियों के लिए प्रसिद्ध मुक्तेश्वर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते अनियंत्रित निर्माण पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मुक्तेश्वर दौरे के दौरान क्षेत्र में बन रही बहुमंजिला इमारतों और रिसॉर्ट्स को लेकर गहरी चिंता जताते हुए पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ लोग समूह बनाकर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य कर रहे हैं और साथ ही होमस्टे योजना का लाभ भी ले रहे हैं। प्रथम दृष्टया यह निर्माण कार्य भू-कानून के उल्लंघन की श्रेणी में आते दिखाई दे रहे हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के नियोजित विकास और पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
आयुक्त दीपक रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुक्तेश्वर जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में इस प्रकार की बड़ी और अनियोजित इमारतों का निर्माण न केवल नियमों की अवहेलना है, बल्कि इससे भू-कानून की मूल भावना भी प्रभावित होती है। उन्होंने संकेत दिए कि क्षेत्र में भू-कानून के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जिलाधिकारी नैनीताल और जिला विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया है कि मुक्तेश्वर क्षेत्र में बन रही सभी बड़ी इमारतों और रिसॉर्ट्स की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन, अनियोजित निर्माण या योजनाओं के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



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