नैनीताल नगरपालिका बोर्ड बैठक में हंगामा_सभसदों ने भ्रष्टाचार,तो ई.ओ.ने पालिकाध्यक्ष को अक्षम बताया_Video

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ब्रेकिंग न्यूज(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड की नैनीताल नगर पालिका बोर्ड बैठक में भारी हंगामा। ई.ओ.और सभासद आपस में भिड़े। ई.ओ.ने कहा कि पालिकाध्यक्ष बोर्ड की बैठक को संचालित करने में अक्षम।


नैनीताल नगर पालिका बोर्ड बैठक में आज पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल और अधिशासी अधिकारी(ई.ओ.)रोहिताश शर्मा के अलावा पूरी बोर्ड और पालिका के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। सवेरे 11 बजे से शुरू हुई बैठक में नाराज आंदोलनरत सभासद अपनी निर्धारित कुर्सियों को छोड़ हॉल में टेबल के बीच जमीन पर जाकर बैठ गए।

इसमें, भगवत रावत, गजाला कमाल, अंकित चंद्रा, काजल आर्या, बाबू लाल, जितेंद्र पांडे ‘जीनू’, रमेश प्रसाद, सुरेंद्र लाल थे। बैठक शुरू होने के साथ ही कई मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू हो गया। इससे पृथक, 7 सभासद जिनमें मंनोज साह जगाती, सपना बिष्ट, पूरन सिंह बिष्ट, लता दफौटी, गीता उप्रेती, शीतल कटियार पालिकाध्यक्ष और ई.ओ.के साथ बैठे।

पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ‘मोंटू’ बैठक में तो शामिल हुए, लेकिन मुद्दाहीन होने पर वो बैठक छोड़कर चले गए। आरोप प्रत्यारोप के बीच चुंगी का टेंडर, कूड़े दान खरीददारी व अन्य बड़े मुद्दे छाए रहे। कई सवालों के जवाब नहीं मिलने से जहां आंदोलनरत सभासद नाराज रहे, तो वहीं नगर पालिका ने उनपर तरह तरह के आरोप लगाए।

इसी बीच एक सभासद के भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद ई.ओ.भड़क गए। दोनों पक्षों के बीच वाद विवाद के साथ माहौल गरमा गई। पक्ष के सभसदों ने कहा कि हर परचेज की सी.बी.आई. जांच होनी चाहिए।


सभासद जितेंद्र पाण्डे ‘जीनू’ ने पालिकाध्यक्ष और ई.ओ.के बिल्कुल समीप जाकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका नेतृत्व ने उनके जवाब नहीं दिए। उन्होंने चर्चाओं वाले मुद्दों पर भी जवाब नहीं दिए जिससे वो लोग नाखुश हैं। आरोप लगाए की पालिका में ऐसा कौन है जिसके कारण अधिकारी, कर्मचारी भागना चाहते हैं और सभासद परेशान हैं।

आरोप लगाया कि टेंडर में धांधली आई है। सभासद ने चुनौती देते हुए कहा कि मांग नहीं मानी गई तो विरोध जारी रहेगा और इसके लिए राज्य सरकार और उच्च न्यायालय तक कि शरण ली जाएगी। नगर पालिका के ई.ओ.रोहिताश शर्मा ने कहा कि आर.टी.आई. लगाने वाले और ब्लैक मेल करने वालों को आप लोग सह देते हैं।

कहा कि बोर्ड की बैठक के एजेंडे से इतर मुद्दों को उठाया जाता है, जिन्हें जायज नहीं माना जा सकता है। ई.ओ.ने कहा कि वो और उनके साथी केंद्रित सेवा कर्मचारी यहां से वापस जाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें ये भी कहा कि ऐसा लगता है कि पालिकाध्यक्ष बोर्ड बैठक कराने में सक्षम नहीं हैं।

पालिकाध्यक्ष और ई.ओ.के पक्ष में आए सभासद पूरन बिष्ट ने कहा कि सभी 15 सभासद एक परिवार जैसे हैं लेकिन आंदोलनरत सभसदों की आज जैसी नाराजगी नहीं होनी चाहिए थी। कहा कि अगर सभासदों को लगता है कि कुछ गलत हुआ है तो वो उच्च न्यायालय की शरण में जा सकते हैं।


हंगामे के बीच पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने बोर्ड बैठक को समाप्त करने की घोषणा कर दी। आंदोलनरत सभसदों ने पालिका विरोधी नारेबाजी की।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

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