बिना चीरा, बिना बड़ी सर्जरी… मौत के मुहाने से लौटे 68 वर्षीय मरीज, यथार्थ हॉस्पिटल ने EVAR तकनीक से किया चमत्कार

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हल्द्वानी, 18 जुलाई चिकित्सा विज्ञान की आधुनिक तकनीक ने एक बार फिर जीवन बचाने का उदाहरण पेश किया है। ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बिना बड़ी सर्जरी किए एक 68 वर्षीय मरीज की जानलेवा धमनी संबंधी बीमारी का सफल उपचार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मरीज की पेट की मुख्य धमनी (एओर्टा) में खतरनाक सूजन थी, जो कभी भी फट सकती थी और उसकी जान जा सकती थी। लेकिन एडवांस EVAR (Endovascular Aneurysm Repair) तकनीक के जरिए यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया और मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया।

इसी उपलब्धि और उत्तराखंड में अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की जानकारी देने के लिए यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 (परी चौक के पास), ग्रेटर नोएडा ने शनिवार को हल्द्वानी में एक प्रेस वार्ता आयोजित की।

सामान्य पेट दर्द निकला जानलेवा बीमारी का संकेत

प्रेस वार्ता में डॉ. वेद प्रकाश, डायरेक्टर एवं हेड ऑफ डिपार्टमेंट – कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) ने बताया कि 68 वर्षीय श्री केदार नाथ तेज पेट दर्द और कब्ज की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। शुरुआती तौर पर यह सामान्य पेट संबंधी समस्या प्रतीत हो रही थी, लेकिन विस्तृत जांच में पता चला कि उनकी पेट की मुख्य धमनी (Abdominal Aorta) में गंभीर सूजन यानी एब्डॉमिनल एओर्टिक एन्यूरिज्म (AAA) विकसित हो चुका था।

स्थिति इसलिए और भी गंभीर थी क्योंकि यह सूजन दोनों ओर की प्रमुख धमनियों तक फैल चुकी थी और धमनी के किसी भी समय फटने का खतरा बना हुआ था। मरीज पहले से किडनी की पथरी और अन्य रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं से भी जूझ रहा था, जिससे इलाज और चुनौतीपूर्ण हो गया था।

EVAR तकनीक बनी जीवन रक्षक

मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए विशेषज्ञों ने पारंपरिक बड़ी सर्जरी के बजाय अत्याधुनिक EVAR (Endovascular Aneurysm Repair) तकनीक अपनाई। इस प्रक्रिया में शरीर को बड़ा चीरा लगाए बिना रक्त वाहिकाओं के माध्यम से एक विशेष स्टेंट-ग्राफ्ट धमनी के भीतर स्थापित किया जाता है, जिससे कमजोर और सूजी हुई धमनी सुरक्षित हो जाती है।

इसी प्रक्रिया के दौरान मरीज की एक अन्य प्रभावित धमनी का भी सफल उपचार किया गया। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और कुछ ही दिनों में मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।

‘समय पर पहचान ही बचा सकती है जान’ – डॉ. वेद प्रकाश

डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि एओर्टिक एन्यूरिज्म एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामने नहीं आते।

उन्होंने कहा,
*”मुख्य धमनी में होने वाली सूजन बेहद गंभीर होती है। यदि समय रहते इसका पता न चले और इलाज न मिले तो धमनी फट सकती है, जिससे कुछ ही मिनटों में मरीज की जान जा सकती है। EVAR जैसी आधुनिक तकनीक से बिना बड़ी सर्जरी के सुरक्षित उपचार संभव है और मरीज तेजी से सामान्य जीवन में लौट सकता है।”

उन्होंने विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान करने वाले लोगों और बुजुर्गों को सलाह दी कि यदि उन्हें लगातार पेट या पीठ में दर्द की शिकायत हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं।

पेट और पीठ दर्द को हल्के में न लें – डॉ. देवाशीष गुप्ता

इस अवसर पर डॉ. देवाशीष गुप्ता, जनरल फिजिशियन एवं कार्डियोलॉजिस्ट, एस.के. नर्सिंग होम एंड हॉस्पिटल ने कहा कि कई लोग लगातार पेट या पीठ दर्द को सामान्य गैस या मांसपेशियों की समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने पर कई गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती अवस्था में ही हो सकती है और मरीज की जान बचाई जा सकती है।

उत्तराखंड के मरीजों के लिए बड़ी सौगात

यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने उत्तराखंड के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि अब हल्द्वानी में प्रत्येक माह विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित ओपीडी आयोजित की जाएगी, जहां मरीजों को कार्डियक, वैस्कुलर, न्यूरो, ऑर्थोपेडिक सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विशेषज्ञ परामर्श स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

यदि किसी मरीज को एडवांस उपचार या सर्जरी की आवश्यकता होगी, तो उसे ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रेफर कर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

गोल्डन कार्ड धारकों को भी मिलेगा लाभ

अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तराखंड गोल्डन कार्ड (आयुष्मान/राज्य स्वास्थ्य योजना के पात्र लाभार्थी) धारक मरीज अस्पताल में उपलब्ध पात्र उपचार एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे प्रदेश के मरीजों को बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हो सकेंगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि लगातार पेट दर्द, पीठ दर्द, धड़कन जैसी अनुभूति, उच्च रक्तचाप या उम्र बढ़ने के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच, सही निदान और आधुनिक तकनीक से उपचार ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की यह सफलता न केवल आधुनिक चिकित्सा तकनीक की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि उत्तराखंड के मरीजों के लिए बेहतर और सुलभ सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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