Nainital_पर्यटकों की पहली पसंद टुकटुक_चालकों की आय पर ब्रेक..

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उत्तराखण्ड के नैनीताल में सवारियों को ढोने वाले टुकटुक चालक भरे पर्यटन सीजन में ऑफ सीजन से भी कम आय कमा रहे हैं। ट्रैफिक जाम के चलते टुकटुक हररोज 8 से 10 राउंड कम लगा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक हानी हो रही है। हालांकि झील किनारे चलने वाले इन टुकटुक में बैठना पर्यटक बेहद पसंद करते हैं।


नैनीताल में वर्ष 2022 से ई-रिक्शा(टुक टुक)चलने शुरू हुए थे। तब माना गया था कि वर्षों पहले चलने वाले हाथ रिक्शा के बाद पैडल रिक्शा का समय भी बीत गया है। अब किसी जीते जागते इंसान से इस तरह श्रम कराकर दूसरों को लादने का समय चला गया है। अब ई-रिक्शा यानी टुकटुक के माध्यम से सवारियों को ढोया जाएगा।

इसके लिए 4 चरणों में 24 ई-रिक्शे खरीदे गए और पैडल रिक्शे के चालकों को ही इसके लिए ट्रेनड किया गया। इन्होंने इस नए सिस्टम को संभाला, लेकिन वर्तमान की ट्रैफिक व्यवस्था ने इनकी आय पर ब्रेक लगा दी है। रिक्शा चालक जोगिंदर बताते हैं कि ऑफ सीजन में वो 30 राउंड मारकर अच्छी खासी आय अर्जित कर लेते हैं, जबकी इनदिनों भारी ट्रैफिक जाम के कारण इनके 20 से 22 राउंड ही लग पाते हैं। उन्हें प्रतिदिन 8 से 10 राउंड का नुकसान हो रहा है।

टुकटुक में नियमानुसार 4 सवारी लेकर ही रिक्शा चालक चलेगा। युवा चालक रितिक ने बताया की प्रति सवारी ₹15/= लिए जाते हैं और झील के बगल में इस डेढ़ किलोमीटर के रास्ते के नज़ारे को देखने के लिए पर्यटक बहुत खुश रहते हैं। बस सीजन के दौरान लगे जाम में उन्हें आर्थिक नुकसान होता है। सरकार ने सीजन के दौरान उनके लिए एक लेन अलग से बनानी चाहिए।


सीजन के दौरान अन्य वाहनों के साथ टुक टुक भी मॉलरोड के ट्रैफिक जाम में फंस जाते हैं। अनियंत्रित चल रहे वाहनों के कारण टुक टुक को भी जाम के झाम में फंसकर रहना पड़ता है। ऐसे में टुक टुक निर्धारित राउंड लगाने में असफल रहते हैं और इन्हें भरे सीजन में अनचाहा नुकसान उठाना पड़ता है।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

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