ऑपरेशन सिन्दूर : कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ विदेश सचिव ने की ब्रीफिंग, 7 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक को लेकर बुधवार सुबह 10:30 बजे सरकार, सेना और एयरफोर्स के अफसरों ने ब्रीफिंग की। पहले एयर स्ट्राइक का 2 मिनट का वीडियो प्ले किया गया। इसमें बताया गया कि मंगलवार रात 1:04 बजे से 1:11 बजे के बीच 7 मिनट में 9 टारगेट तबाह किए गए। हालांकि ऑपरेशन पूरा होने में कुल 25 मिनट का समय लगा।
देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे।
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है. इंडियन आर्मी, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर 6-7 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. इन ठिकानों पर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के 900 आतंकियों को निशाना बनाया गया. भारत ने पाकिस्तान पर हुई इस कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया है, जिस पर ब्रीफिंग के लिए इंडियन आर्मी ने प्रेस कांफ्रेंस की।
प्रेस कांफ्रेंस में सेना ने बताया कि लक्ष्यों के बारे में आर्मी के पास विश्वस्त जानकारी थी, जिसके आधार पर ऑपरेशन को लॉन्च किया गया और साल 2008 के मुंबई आतंकी हमले की साजिश भी यहीं रची गई थी. भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि इस बात का खास ख्याल रखा गया कि कोई आम नागरिक निशाना न बनें. सिर्फ आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया।
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर ब्रीफिंग दी. उन्होंने बताया कि 6 और 7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से 1:30 बजे तक ऑपरेशन चला. 9 आतंकी कैंप को बर्बाद किया गया. कर्नल सोफिया ने बताया कि विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर इन लक्ष्यों का चयन किया गया, निर्दोष नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, इसका ख्याल रखा गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर किसी भी प्रकार की हिमाकत करेगा तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि पहलगाम के विभत्स हमले के शिकार मासूम नागरिकों और उनके परिवार को न्याय देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था. इस कार्रवाई में 9 टेरेरिस्ट कैंप्स को निशाना बनाया गया और पूरी तरह से इन्हें बर्बाद कर दिया गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तीन दशकों से टेरेरिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है. ऑपरेशन में रिक्रूटमेंट सेंटर, ट्रेनिंग एरिया और लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया है, जो पाकिस्तान और पीओजेके में फैले हैं।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने पहले पीओके में तबाह आतंकी संगठनों के बारे में ब्रीफिंग दी. उन्होंने बताया कि हमले में तबाह मुजफ्फराबाद का सवायनाला कैंप पीओजेके के लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) से 30 किमी की दूरी पर है. यह लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग सेंटर था, जहां से पिछले साल अक्टूबर में हुए सोनमर्ग और गुलमर्ग हमले और अब 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के आतंकियों ने इसी ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग ली थी।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि मुजफ्फराबाद का सईदना बिलाल कैंप भी तबाह किया गया है, जो जैश-ए-मोहम्मद का स्टेजिंग एरिया है और हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल ट्रेनिंग का केंद्र भी था. वहीं, कोटली का गुलपुर कैंप एलओसी से 30 किमी की दूरी पर था और लश्कर-ए-तैयबा का बेस था. कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन में तबाह ये कैंप जम्मू-कश्मीर के रजौरी और पुंछ में एक्टिव था. 20 अप्रैल, 2023 में पुंछ और 9 अप्रैल, 2024 को तीर्थ यात्रियों की बस पर हुए हमले के आतंकियों को यहीं से ट्रेनिंग मिली थी।
ऑपरेशन सिंदूर में एलओसी से 9 किमी की दूरी पर मौजूद बरनाला कैंप भिमबर भी तबाह कर दिया गया है. कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि बरनाला कैंप हथियार, हैंडलिंग, IED और जंगल सर्वाइवल का प्रशिक्षण केंद्र था. कोटली के अब्बास कैंप पर लश्कर के फिदायीन तैयार होते थे और इसकी कपैसिटी 15 आतंकियों को ट्रेनिंग देने की थी.
पाकिस्तान के अंदर आतंकियों के जो ठिकाने तबाह किए गए हैं, उनमें पहला सियालकोट का सरजल कैंप है और अंतरराष्ट्रीय सीमा से यह 6 किमी की दूरी पर है. कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि मार्च, 2025 में जम्मू-कश्मीर के चार जवानों की हत्या में शामिल आतंकी यहीं ट्रेंड किए गए थे. दूसरा मेहमूना जोया सियालकोट हिज्बुल मुजाहिदीन का बहुत बड़ा कैंप था, जो जम्मू के कठुआ क्षेत्र में आतंक फैलान का केंद्र था. उन्होंने बताया कि पठानकोट एयरबेस पर किया गया हमला इसी कैंप से प्लान और डायरेक्ट किया गया था.
भारत ने उस आतंकी ठिकाने को भी तबाह कर दिया है, जहां पर साल 2008 में 26/11 मुंबई हमले की साजिश रची गई थी. कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि मुरीदके के मरकज तैयबा टेरर कैंप से ही मुंबई हमले के लिए आतंकियों को ट्रेंड किया गया था. अजमल कसाब और डेविड हेडली को यहीं ट्रेनिंग मिली थी. ये कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर से 18-25 किमी की दूरी पर मौजूद है।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने आगे बताया कि जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर मरकज सुभान अल्लाह कैंप को भी नेस्तनाबूद कर दिया गया, जो इंटरनेशनल बाउंड्री से 100 किमी दूर है. ये रिक्रूटमेंट और ट्रेनिंग का केंद्र था और टॉप आतंकी भी यहां आया करते थे. कर्नल सोफिया कुरैशी ने साफ किया, ‘पाकिस्तान के किसी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया और न ही किसी तरह की नागरिक क्षति की कोई रिपोर्ट है. धन्यवाद, जय हिंद !’


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