माहे रमज़ान की आमद_पहला रोज़ा,हल्द्वानी में सहरी और इफ्तार का वक़्त..

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माहे रमजान का चांद दिख गया है. देश में सबसे पहले बिहार और असम में चांद देखे जाने की खबर है. लिहाजा पहला रोजा गुरुवार (19 फरवरी) को रखा जाएगा।

नैनीताल और हल्द्वानी में चांद की तस्दीक होते ही लोग एक दूसरे को माहे रमजान की मुबारकबाद देते दिखे। रोज़ों के आमद की खुशियों ने बाज़ार में रौनक बढ़ा दी है। बनभूलपुरा लाइन न0. 8 सजी-धजी चमचमाती हुई और लोग बधाई देते हुए नजर आए। मस्जिदों में तरावीह( इबादत) का दौर शुरू हो गया है।

हल्द्वानी शहर काजी ने गवाहों की शहादत के आधार पर चांद की तस्दीक की है।

हल्द्वानी में बादल छाए रहने की वजह से चांद के दीदार नहीं हो पाए। गवाहों की तस्दीक के बाद एलान किया गया कि 19 फरवारी को पहला रोजा है।

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद की तस्दीक की है. रमजान का चांद आसमान में नजर आया है. लिहाजा कल रमजान में पहली तारीख है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में रमजान के चांद का दीदार हुआ है. कल से रोजे रखे जाएंगे. हालांकि जयपुर समेत राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं. लोगों की गवाही के आधार पर चांद देखे जाने की तस्दीक हुई है. आज से ही मस्जिदों में तरावीह यानी रमजान की विशेष नमाज की शुरू. राजस्थान के साथ ही यूपी समेत कई दूसरे राज्यों में भी लोगों ने चांद का दीदार किया है. चांद देखकर एक दूसरे को माहे रमजान की मुबारकबाद दी जा रही है।

रमजान के महीने में रोजेदार पांच वक्त की नमाज के अलावा तरावीह की नमाज भी अदा करते है. इस पाक महीने के दौरान रोजेदारी शहरी और इफ्तारी अपने परिवार और साथ के लोगों के साथ करते हैं. 30 दिन के रोजों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर यानी ईद मनाई जाती है. मुकद्दस महीने में रोजे और इबादत के बाद ईद होती है।

देखें सहरी और इफ्तार का वक़्त

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