12000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का पहली बारिश में ये क्या हाल हो गया_बड़े-बड़े गड्ढे..


नई दिल्ली/देहरादून। देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही भारी बारिश के बाद विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर बड़े और गहरे गड्ढे दिखाई देने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।
मामला तूल पकड़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सफाई जारी करते हुए घटना की वजह बताई है और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है।
वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के शामली जिले के हाथी करौंदा गांव के पास का बताया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले चालक ने दावा किया कि गहरे गड्ढों के कारण उसके सामने चल रही कई गाड़ियां असंतुलित हो गईं। उसके अनुसार दो कारों के अलॉय व्हील क्षतिग्रस्त हो गए और एक वाहन सड़क पर ही खराब हो गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तीन महीने पहले हुआ था उद्घाटन
करीब 212 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को किया था। लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना ने दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दिया है।
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरने वाला लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जाता है।
NHAI ने क्या दी सफाई?
विवाद बढ़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर पानी भर गया था, जिससे सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ।
NHAI के मुताबिक, वहां स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण उसे चालू नहीं किया जा सका। प्राधिकरण का कहना है कि बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं मिलने और उसके रास्ते का उपयोग वाहनों की आवाजाही के लिए किए जाने से बारिश के पानी की निकासी बाधित हुई, जिसके कारण सड़क का हिस्सा धंस गया।
मरम्मत पूरी, ट्रैफिक सामान्य
NHAI ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर दी गई है और एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया है। साथ ही स्थायी ड्रेनेज सिस्टम चालू होने तक पानी की निकासी के लिए अस्थायी समानांतर नाला भी बनाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
वायरल वीडियो के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला है कांग्रेस ने निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल वीडियो पर लोगों के तीखे रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। विपक्ष इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सरकार पर जनता के पैसे डकारने का इल्ज़ाम लगा रही है। वहीं NHAI ने घटना के कारण, मरम्मत और की गई कार्रवाई के संबंध में अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक किया है।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com




Watch_कैंची धाम की शांत शिप्रा का रौद्र रूप…
Nainital – बरसाती नाले की रफ्तार देख छूटे पसीने_पाण्डे छोड़ गांव के घरों में घुसा पानी..Video
उत्तराखंड में 2026 की सबसे बड़ी MDMA बरामदगी..
नैनीताल में नॉन स्टॉप बारिश,, झील में समाया कई टन मलबा_ पर्यटकों की गाड़ी पर गिरा बोल्डर
भारी बारिश के बीच नैनीताल जिले में कल बंद रहेंगे सभी स्कूल..heavy rain alert