दशहरा से पहले महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर, जानिए कितने बढ़े दाम..


त्योहारों के मौसम की शुरुआत में आम लोगों को गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर झटका लगा है। बुधवार 1 अक्टूबर 2025 को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि घरेलू उपयोग वाले 14 किलो के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में 19 किलो वाला कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर आज से मंहगा हो गया है।
सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट आज से 16 रुपये तक बढ़ा दिया है. 14 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली में 19 किलो वाला कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 1595.50 रुपये का मिलेगा. पहले यह 1580 रुपये का था।
राहत की बात यह है कि सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. देश के ज्यादातर शहरों में रसोई गैस का दाम 850 रुपये लेकर 960 रुपये के बीच है. अभी दिल्ली में घरेलू एपीजी सिलेंडर 853 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये, लखनऊ में 890.50 रुपये, अहमदाबाद में 860 रुपये, हैदराबाद में 905 रुपये, वाराणसी में 916.50 रुपये और पटना में 951 रुपये में मिल रहा है।
19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का नया रेट
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा अब रेट बढाने के बाद 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का रेट दिल्ली में 1595.50 रुपये हो गया है जो पहले 1580 रुपये था. कोलकाता में यह सिलेंडर अब 1700 रुपये में मिलेगा, जो पहले 1684 रुपये का मिल रहा था. मुंबई में यह 1547 रुपये में मिलेगा. पहले इसकी कीमत 1531.50 रुपये थी. चेन्नई में यह सिलेंडर अब 1754 रुपये का हो गया है, जो सितंबर में 1738 रुपये में मिलता था. यहां भी 16 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com


“बोला जा नहीं रहा, गाना क्या गाओगे..” दिलेर मेहंदी पर भड़के मंत्री सुबोध उनियाल
दिवाली से पहले उत्तराखंड में मिठाई की दुकानों के लिए नए नियम_ बेकरी प्रोडक्ट भी दायरे में..
2027 चुनाव से पहले उत्तराखंड में दल-बदल_ रामशरण नौटियाल ने फिर मारी पलटी
उत्तराखंड के नए राज्यपाल बने डॉ. ढाल सिंह बिसेन,लोकभवन में ली शपथ
32.70 लाख थालियां, 8 साल का सफर_जरूरतमंदों के लिए लगातार जारी थाल सेवा