EPS-95 पेंशन को लेकर आर-पार की लड़ाई तेज “काम नहीं तो वोट नहीं”


देहरादून में हुई EPS-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की अहम बैठक
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति, उत्तराखण्ड (देहरादून) की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रांतीय अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन एस.एन. डोभाल ने किया। इसमें देहरादून क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पेंशनभोगियों ने भाग लिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 अप्रैल 2026 को ईपीएफओ कार्यालय, महादेव सिंह रोड, देहरादून पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, ताकि सरकार का ध्यान पेंशनभोगियों की मांगों की ओर आकर्षित किया जा सके।
मुख्य मांगें
न्यूनतम ₹7500 मासिक पेंशन
महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए
पेंशनरों को समुचित सामाजिक सुरक्षा
EPS-95 से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों का समाधान
सरकार पर उपेक्षा का आरोप
समिति के उपाध्यक्ष दिनेश गौसाई ने कहा कि केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा के नाम पर विफल रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों को मात्र ₹1000 की पेंशन मिल रही है, जो सम्मानजनक जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय संघर्ष समिति पिछले सात वर्षों से महाराष्ट्र के बुलढाणा सहित दिल्ली में कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
“काम नहीं तो वोट नहीं” का ऐलान
कार्यकारी अध्यक्ष टी.एस. बिष्ट ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए आंदोलन को तेज करना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा-“अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ का निर्णय लागू किया जाएगा।”
समिति के सचिव बी.एस. रावत ने कहा कि अंतिम निर्णय से पूर्व सरकार को व्यक्तिगत पत्र के माध्यम से चेतावनी दी जाएगी। यदि EPS-95 के तहत ₹7500 पेंशन लागू नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
15 दिन में निर्णय न होने पर सरकार के खिलाफ मतदान की चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 15 दिनों के भीतर पेंशन पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उत्तराखण्ड के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारी आगामी चुनावों में वर्तमान सरकार के विरोध में मतदान करेंगे। इसकी औपचारिक घोषणा अगली आम बैठक में की जाएगी।
इन पदाधिकारियों और सदस्यों ने रखे विचार
बैठक में पान सिंह नेगी, मेजपाल जी, ब्रह्मपाल, भुवन चंद फुलेरा, देवेंद्र डिमरी, दिवाकर शाही, गजेन्द्र राणा, पवन कुमार, जगमोहन, ललित, राकेश पेटवाल, श्याम बाबू, नियाउद्दीन, मनमोहन शर्मा, बृजपाल सिंह, सुखपाल और नवीन कुकरेती सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक के अंत में संघर्ष समिति ऋषिकेश के पदाधिकारी सत्यप्रकाश विजल्वाण के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।



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