नैनीताल से छिना वर्ल्ड क्लास बॉक्सिंग रिंग_जहां से चैंपियन निकले, वहीं से रिंग गायब

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उत्तराखण्ड के नैनीताल को मिला विश्व स्तर का बॉक्सिंग रिंग, आपसी खींचतान के चलते हल्द्वानी स्टेडियम को भेज दिया गया है। ग्रीनहिल कंपनी का ये रिंग जकार्ता में अयोजित विश्व यूथ चैंपियनशिप के स्तर का था, जो 38वें नैशनल गेम्स के लिए पिथौरागढ़ को दिया गया था। खेल सम्पन्न होने के बाद रिंग वहां से खेल सचिव द्वारा कोटद्वार, नैनीताल और पिथौरागढ़ को दिया गया।

पिछले दिनों खेल विभाग के अधिकारियों को महिला दिवस के रोज बेइज्जत करने के बाद नैनीताल के बॉक्सिंग खिलाड़ियों के लिए लगाए जा रहे इस रिंग को हल्द्वानी मंगवा लिया गया है। बीते वर्ष नैनीताल के इस रिंग में अक्टूबर अन्त में अखिल भारतीय महिला फेडरेशन कप बॉक्सिंग प्रतियोगिता सफलता पूर्वक अयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में पहुंचे बॉक्सिंग से जुड़े देशभर के एक्सपर्ट्स ने रिंग और उसे लगाने की व्यवस्था की जोरदार तारीफ की थी।

 डी.एस.ओ.निर्मला पंत का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से रिंग को हल्द्वानी ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि नैनीताल में खेल के सभी कोच इनदिनों स्थगित हैं और रिंग की देखरेख नहीं हो सकेगी। ये भी कहा कि जब भी नैनीताल में बॉक्सिंग प्रतियोगिता होगी, रिंग यहां पहुँच जाएगा। 

डी.एस.ए.के नवनियुक्त महासचिव मंनोज जोशी ने कहा कि यहां पूर्ववत खेल हो रहे हैं। फ्लैट्स मैदान में बॉक्सिंग रिंग, जिम या कोई भी अतिक्रमण को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इससे ये ऐतिहासिक खेल मैदान खत्म हो जाएगा। कहा कि उन्होंने वर्षों से यहां बॉक्सिंग होते देखी है लेकिन सभी की संस्तुति से प्लैनिंग की जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल का कहना है कि बॉक्सिंग रिंग को ले जाने दो। नैनीताल फ्लैट्स मैदान में बॉक्सिंग समेत अन्य सभी खेलों को वो और उनकी टीम बढ़ावा देगी।

   बता दें कि नैनीताल बॉक्सिंग खेल को लेकर हमेशा आगे रहा है। यहां से कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बीते वर्ष भी यहां की दीपाली थापा ने एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीतकर राष्ट्र को गौरव दिलाया था। ऊत्तराखण्ड में बॉक्सिंग के भीष्म पितामह और वरिष्ठ कोच मुखर्जी निर्वाण ने स्नो व्यू क्षेत्र में बॉक्सिंग अकेडमी खोली, जहां से कई बॉक्सर स्टेट, नैशनल और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे। 

यहां के कई बॉक्सरों की खेल कोटे से अच्छे पदों पर नौकरियां भी लगी। उन्होंने, खेल को सबकुछ मानकर इसके लिए अपना जीवन लगा दिया। मुखर्जी निर्वाण भी नैनीताल से बॉक्सिंग रिंग जाने से व्यथित हैं और उनका कहना है कि नैनीताल से अच्छे बॉक्सर निकाले जा सकते है। यहां तैयारियां कर रहे बॉक्सरों को रिंग प्रैक्टिस की जरूरत होती है, जिसे पूरा करने के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है। वो जिले के उच्चाधिकारियों से मिलकर, रिंग को वापस फ्लैट्स मैदान में लगवाने की पैरवी करेंगे।

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