घोटाले के दस्तावेजों में भी घोटाला ? हाईकोर्ट ने कहा यहां दो कैसे_अधिकारी जवाब दें..

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उधमसिंह नगर में वर्ष 2021 में आपदा पीड़ितों का 99 कुंतल अनाज बिना वितरण और रखरखाव के चलते सड़ने पर डी.एम.के आदेश पर दोषियों से रिकवरी के आदेश को जिलापूर्ति कमिश्नर द्वारा माफ करने संबंधी जनहित याचिका में आने वाले मंगलवार को कमिश्नर खाद्य विभाग, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी उधमसिंह नगर और डिस्पैच क्लर्क को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताने को कहा है कि जब कार्यालयों में डिस्पैच रिजस्टर्ड एक होता है तो यहां दो कैसे हैं, इसका स्पष्टीकरण मंगलवार को उपस्थित होकर बताएं।


आज हुई सुनवाई के दौरान पूर्व के आदेश पर डी.एम.उधमसिंह नगर न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साढ़े दस बजे उपस्थित हुए। उनके द्वारा डिस्पैच रजिस्टर्ड प्रस्तुत किया गया, जिसका न्यायालय ने अवलोकन किया। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने न्यायालय को बताया कि इसके अलावा भी एक अन्य डिस्पेच्च रजिस्टर्ड है जिसे प्रस्तुत किया गया।

अवलोकन के बाद न्यायालय ने पाया कि इसमें भी अनियमितता हुई है। न्यायालय ने कहा कि सभी कार्यालयों में एक डिस्पेच्च रजिस्टर्ड होता है लेकिन यहां दो कैसे हैं ? दस दिसम्बर को सम्बन्धित अधिकारी न्यायालय में पेश होकर स्पष्टीकरण दें।


मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अभिजीत ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा कि वर्ष 2021 में सस्ता गल्ले के तहत बांटे जाने वाले 99 कुंतल अधिक का अनाज रख रखाव के अभाव में सड़ गलकर खराब हो गया। जो कि आपदा राहत का साधन था। जांच के बाद जिलाधिकारी उधमसिंह नगर ने दोषियों के रिकवरी करने के आदेश दिए थे। जिसको जांच के बाद खाद्य आपूर्ति कमिश्नर द्वारा मॉफ कर दिया गया।

याचिका में न्यायालय से सस्ता गल्ला राशन में हुए घोटाले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की प्रार्थना की गई है और उनसे हुए नुकसान की वसूली की जाय। उनके द्वारा राशन के अलावा अन्य धन का भी दुरप्रयोग किया गया है।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *