बागेश्वर में इंग्लैंड के डेविड हापकिंस का अंतिम संस्कार_बेटी ने दी मुखाग्नि


उत्तराखण्ड के बागेश्वर में इंग्लैंड निवासी एक विदेशी नागरिक डेविड हापकिंस का हिन्दू रीति रिवाज से उसकी बेटी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। गांव के लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
विदेशी नागरिक भारतीय संस्कृति की तरफ लगातार आकर्षित हो रहे हैं। उनका खिंचाव भारतीय संस्कृति और धर्मों की तरफ भी अधिक देखा जा रहा है। ऐसे ही वर्षों पहले भारत आए इंग्लैंड के नागरिक का अंतिम संस्कार उनकी बेटी ने चिता को मुखाग्नि देकर किया।
बागेश्वर में प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक और कौसानी के लक्ष्मी आश्रम से जुड़े 85 वर्षीय समाजसेवी डेविड हापकिंस का निधन हो गया।आज नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
मूल रूप से इंग्लैंड निवासी डेविड वर्ष 1973 में भारत आए और तभी से उन्होंने कौसानी के लक्ष्मी आश्रम को अपनी कर्मभूमि बना लिया। यहां रहते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण काम किया। डेविड, उत्तराखंड की संस्कृति, पहाड़, जंगल और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी लगातार सक्रिय रहे। बीते सोमवार को लक्ष्मी आश्रम में उनके निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर बागेश्वर लाया गया।
सरयू–गोमती नदी के संगम पर हिंदू रीति-रिवाज से उनकी पुत्री दीपिका हापकिंस ने चिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती


लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM News is a reliable digital medium of latest news updates of Uttarakhand. Contact us to broadcast your thoughts or a news from your area. Email: newsgkm@gmail.com




बागेश्वर में इंग्लैंड के डेविड हापकिंस का अंतिम संस्कार_बेटी ने दी मुखाग्नि
क्रिकेट बना भाईचारे का माध्यम, निरंकारी युवाओं ने पेश की मिसाल
Haldwani : बाघ के हमले में पीड़ित परिवार के सहारे की उम्मीद_6 लाख का चेक बाउंस : नीरज
250 हिन्दू परिवारों ने हल्द्वानी मेयर से क्या गुहार लगाई _रेलवे अतिक्रमण मामला..
गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला : कमर्शियल LPG सप्लाई बंद, ESMA लागू