उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी दंगे में बनाए गए मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को नगर निगम से भेजे गए ₹2.44 करोड़ की वसूली के नोटिस पर सुनवाई करते हुए रिकवरी नोटिस पर रोक लगा दी है।
वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने हल्द्वानी नगर निगम की ओर से बनभूलपुरा में बीती 8 फरवरी को हुए दंगा में नुकसान के बदले में आरोपी अब्दुल मलिक को ₹2.42 करोड़ का नोटिस भेजा था। नोटिस में तीन दिन के अदंर ये धनराशि निगम के कोष में जमा कराने को कहा गया था।
नोटिस में ये भी कहा गया कि दंगे में कई लोगो की जान गई और करोड़ो रुपयों की सरकारी सम्पति का नुकसान हुआ है। अतः उसकी भरपाई के लिए उनको यह रिकवरी नोटिस जारी किया गया है।
धनराशि जमा नहीं करने पर प्रशासन ने वसूली की कार्यवाही भी शुरू कर दी थी। हल्द्वानी तहसीलदार ने मलिक को 25 अप्रैल 2024 को वसूली नोटिस जारी किया था।
आरोपी अब्दुल मालिक ने इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि नगर निगम का नोटिस गलत है, क्योंकि उनपर लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए है। उनपर चल रहे वाद न्यायलय में लंबित हैं, इसलिए उनसे अभी वसूली न की जाए। दोष सिद्ध होने के बाद ही रिकवरी की जा सकती है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अहरार बेग के अनुसार एकलपीठ ने नगर निगम के नोटिस और वसूली के आदेश पर रोक लगा दी है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती
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