

उत्तराखंड में हल्द्वानी को अल्मोड़ा, रानीखेत व अन्य महत्वपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाले रानीबाग पुल का निरीक्षण कर सांसद अजय भट्ट ने कहा कि 717 लाख रुपये की लागत से बने इस पुल को जल्द जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि पुल के पीछे लगातार गिर रही पहाड़ी का ट्रीटमेंट भी जल्द शुरू किया जाएगा।

उत्तराखंड में जुलाई माह में लगातार बरसात के बाद 19 जुलाई को रानीबाग पुल की रिटेनिंग दीवार के ध्वस्त होने के बाद पुल को खतरा हो गया था। जिला प्रशासन ने खतरे को देखते हुए इसपर आवाजाही बन्द कर दी थी।काठगोदाम से कुमाऊं मंडल के पांच जिलों को जोड़ने वाले इस रानीबाग पुल की रिटेनिंग दीवार क्षतिग्रस्त होने से पूरा भार ज्यूलिकोट गेठिया मार्ग पर पड़ गया। इस मार्ग से अल्मोड़ा, भवाली, बागेश्वर, चंपावत पिथौरागढ़ को जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। रानीबाग के पास नए पुल का काम भी चल रहा था, जिसमें निर्माणाधीन कंपनी ने पहाड़ों का काफी हिस्सा काट दिया था, इसके चलते पुल की रिटेनिंग दीवार काफी कमजोर हो गई थी, जिस कारण देर रात हुई बारिश से पुल की रिटेनिंग दीवार भरभराकर गिर गई।
आज सांसद भट्ट के दौरे के बाद एक बार फिर पुल के जल्द खुलने की उम्मीदें जोर पकड़ने लगी हैं। पुल के साथ रानीबाग के पीछे की लगातार गिर रही पहाड़ी का भी उपचार होने की उम्मीद बढ़ गई है । सांसद अजय भट्ट ने अपने विभागों पर विश्वास जताते हुए कहा कि उनके विभाग ने अच्छा काम किया है। सांसद अजय भट्ट के साथ नैनीताल विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, पुष्कर मेहरा आदि मौजूद रहे।


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