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काउंटडाउन शुरू, काउंटिंग के नौ दिन बाकी.. रेंडम जांच के साथ ऐसे होगी मतगणना..

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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 : – जनता को बेसब्री से इंतजार है 10 मार्च का, कौन होगा सूबे का नया मुखिया, बदलाव होगा या अप्रत्याशित होंगे नतीजे, काउंटडाउन शुरू हो गया है अब केवल 9 दिन ही बाकी रह गए हैं 10 मार्च को होने वाली मतगणना की पूरी तैयारियां कर ली गई है। जिसमें अंतिम राउंड के बाद प्रत्येक विधानसभा में पांच-पांच बूथ से वीवीपीएटी पर्चियों की रेंडम जांच की जाएगी प्रत्याशी किसी भी बूथ से वीवीपीएटी पर्चियों की जांच की मांग कर सकते हैं

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ईवीएम को लेकर बीते कुछ चुनावों में विवाद देखने को मिले हैं, इस कारण अब आयोग सभी ईवीएम के साथ वीवीपीएट जोड़ चुका है। जिसमें प्रत्येक मत की पर्चियां जमा होती हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के समय कुछ दलों ने ईवीएम के साथ वीवीपीएट में दर्ज सभी मत गिने जाने की मांग उठाई थी, लेकिन आयोग ने इस प्रक्रिया में अनावश्क समय लगने का तर्क देते हुए, प्रत्येक सीट पर किन्हीं पांच बूथ की पर्चियां की गिनने की व्यवस्था लागू की थी।

यही नियम मौजूदा विधानसभा चुनाव में भी लागू होंगे। इसके तहत मतगणना के दौरान ईवीएम ओर वीवीपीएट में दर्ज मतों की संख्या का ही मिलान किया जाएगा। अंतिम राउंड समाप्त होने के बाद, रिटर्निंग अधिकारी किन्हीं पांच बूथों की वीवीपीएट पर्चियों की रैंडम जांच करवाएंगे। इसमें सभी पांच वीवीपीएट में कुल दर्ज मतों के साथ ही प्रत्याशी वार मिले मतों का मिलान संबंधित ईवीएम से किया जाएगा।

इस दौरान प्रत्याशी चाहें तो उनकी पसंद के बूथ की वीवीपीएट की भी जांच कराई जा सकती है। यदि किसी वजह से वीपीपीएट ओर ईवीएम में दर्ज मतों में अंतर आता है तो फिर प्रिंट पर्चियां ही अंतिम मानी जाती है। हालांकि आयोग के सामने अभी इस तरह का कोई प्रकरण सामने नहीं आया है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के मुताबिक पूरी मतगणना प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में सम्पन्न होगी।

इस बार मॉक पोल का समाधान

यदि किसी बूथ पर वीवीपीएट और ईवीएम में मॉक पोल के मत भूलवश दर्ज रह जाते हैं तो इस बार उन मतों को कुल मतों से हटा दिया जाएगा। इसके लिए पोलिंग अधिकारी की हैंडबुक में दर्ज विवरण की सहायता ली जाएगी। पिछली बार उत्तराखंड में यह समस्या पेश आई थी, इस बार आयोग ने इसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किए हैं।

नैनीताल जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 की मतगणना हेतु किये जा रहे कार्यो का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिये है कि मतगणना कार्य के लिए जो भी आवश्यक व्यवस्थाऐं होनी है उन्हें समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2022 हेतु मतगणना की तैयारियां की जा रही है। जिसके तहत प्रत्येक कक्ष में इवीएम/वीवीपैट की मतगणना हेतु विधानसभावार सात-सात मतगणना टेबले लगाई जा रही है।

डाक मतपत्रों की मतगणना के लिए विधानसभा 60-कालाढूंगी के लिए सात टेबल, 61-रामनगर के लिए तीन टेबल एवं 56-लालकुऑ, 57-भीमताल, 58-नैनीताल तथा 59-हल्द्वानी, चार-चार टेबले लगाई जायेगी। उन्होेने बताया कि जिसके लिए मतगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण आगामी 04 मार्च (शुक्रवार) को प्रातः 10ः00 बजे एमबीपीजी कॉलेज में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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