जब देश डूबा हुआ है आज़ादी के जश्न में तो इस शहर में हुआ तिरंगे का अपमान..अब साहब दे रहे हैं अपनी सफाई….देखें पूरा मामला..

बाज़पुर उधमसिंह नगर (GKM News ) 15 अगस्त के दिन तो पूरा देश अपनी आजादी का जश्न मनाता है. लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हुए अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश के तिरंगे का अपमान करने से भी पीछे नहीं हटते. कुछ ऐसा ही मामला उधमसिंह नगर के बाज़पुर से सामने आया है.
मामला उस वक्त का है जब कांग्रेसियो ने काली पट्टी बांध कर ध्वजारोहण ओर राष्ट्रीयगान किया है जो कि क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आपको बता दें कि बाजपुर में ऐसा मामला सामने आया है कि जब देश आजादी के जश्न में डूबा हुआ है और तो कांग्रेस पार्टी का यह मामला चर्चा का विषय बन गया. बाजपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्णानंद तिवारी पुस्तकालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
जहां पर उन्होंने काली पट्टी बांध कर ध्वजारोहण कर दिया इतना ही नही बल्कि काली पट्टी बांध कर राष्ट्रीय गान भी कर दिया। भले की जिन करणों के चलते ये कार्य किया लेकिन ध्वजारोहण ओर राष्ट्रीय गान के दौरान इन्हें काली पट्टी बांधनी नही चाहिए थी अब इस कार्य के बाद देश पर जान न्योछावर करने बाले भूतपूर्व फौजी संगठन ने इस कार्य का भारी विरोध जताया है उन्होंने अपने शब्दों के कड़ी निंदा की है.
वहीं प्रदर्शनकारियों की माने तब उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नही किया है ये विरोध प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 20 गांव की लगभग 6 हजार एकड़ भूमि का मालिकाना हक 15 अगस्त के दिन तक किसानों को वापस करने के आश्वासन के बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओ ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया.

पूर्व सैनिको की माने तो वीर जवान इस तिरंगे की आन बान ओर शान बचाने के लिये अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं और इन्होंने जो ऐसा किया है वह निंदनीय है जो नही करना चाहिए था ये सभी इसकी घोर निंदा करते हैं।



लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए -
GKM.News (EDITOR) UTTRAKHAND




24 अप्रैल से 25 मई तक हर उत्तराखंडी को अपने मूल निवास पर पहुंचने की अपील
सीएम ने बांटे विभाग_कैड़ा को शहरी, उनियाल को स्वास्थ्य, नए मंत्रियों को पावर..
Haldwani : मंदिर में चोरी_24 घंटे में मुखानी का लाल पकड़ा गया..
Uttrakhand : आज इन जिलों में बर्फबारी के आसार_एवलॉन्च का खतरा..
Watch – रात के अंधेरे में घर के आगे दो गुलदार_Bhimtal