उत्तराखंड : भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट,माणा में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू..

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पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी के बीच उत्तराखंड के तीन जिलों—चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़—के लिए मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 10 से 12 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। डॉ. बिक्रम सिंह, मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक, के अनुसार 28 फरवरी को पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। कल से प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी जारी है।

मौसम विभाग के अनुसार, रात के समय बारिश और बर्फबारी जारी रहेगी, लेकिन कल सुबह से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा। हालांकि, शाम को बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना है। 2 मार्च को मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन 3 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर से बारिश और बर्फबारी की आशंका है। 4 मार्च को भी छिटपुट बारिश हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान की जानकारी ली। चमोली जिलाधिकारी संदीप तिवारी से अपडेट लेने के बाद उन्होंने युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाने और फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को माणा गांव में ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की योजना बनाई है। उन्होंने वायु सेना, यूकाडा और निजी हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। धामी ने कहा, “शनिवार की सुबह युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाएंगे। हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।”

हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों का रेस्क्यू अभियान जारी
माणा गांव के पास हिमस्खलन में फंसे श्रमिक बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के निवासी हैं। शुक्रवार शाम तक 33 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 22 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। चमोली प्रशासन के अनुसार, बर्फबारी और रात होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा। शनिवार सुबह मौसम साफ रहने पर एमआई-17 और अन्य हेलीकॉप्टरों की मदद से शेष श्रमिकों को निकालने का प्रयास किया जाएगा।

जोशीमठ में आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना
मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना को बर्फ हटाने और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी से पूरा करने के लिए कहा है। साथ ही, माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता के आधार पर खोलने और घायलों को एमआई-17 हेलीकॉप्टर से लिफ्ट करने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।

22 फंसे मजदूरों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर चल रहा बचाव अभियान

चमोली के माणा क्षेत्र में भीषण हिमस्खलन में फंसे 22 मजदूरों की जान बचाने के लिए आज का दिन अहम है। मौसम में सुधार के साथ ही बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। भारतीय वायुसेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मिलकर युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। अब तक 33 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि शेष 22 मजदूरों को बचाने का प्रयास जारी है।

हेलिकॉप्टर और ड्रोन से मदद
ज्योतिर्मठ से पहला हेलिकॉप्टर कुछ जवानों को लेकर रवाना हो चुका है। वायुसेना अलर्ट मोड पर है और हेली एंबुलेंस तैयार है। ड्रोन की मदद से फंसे मजदूरों की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि निजी और सरकारी ड्रोन दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने संभाली कमान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून से ही मोर्चा संभाल लिया है और लगातार अपडेट ले रहे हैं। वे आज चमोली पहुंचकर बचाव अभियान की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारी संदीप तिवारी और एसपी सर्वेश पंवार भी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं।

अस्पताल अलर्ट पर
सभी प्रमुख अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। एम्स की हेली एंबुलेंस भी तैयार है। माणा हास्पिटल में पहले से बचाए गए मजदूरों का उपचार किया जा रहा है।


लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है, लेकिन बचाव दल पूरी ताकत से काम कर रहे हैं। फंसे मजदूर एक कंटेनर में हैं, जो बर्फ से ढक चुका है। स्नो एक्सपर्ट्स की राय के साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।


पीएमओ, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री लगातार संपर्क में हैं। उम्मीद की जा रही है कि आज के दिन सभी फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।

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