शीतकाल के लिए विधिवत बंद हुए गंगोत्री के कपाट,जयकारों से गूंजा धाम

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उत्तराखंड के प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आज 2 नवंबर 2024 को 12 : 14 मिनट पर शीतकाल के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।

शीतकाल के दौरान गंगोत्री मंदिर के कपाट अगले वर्ष अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर फिर से खोले जाएंगे।
गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार किया गया। पुजारियों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए मां गंगा की पूजा संपन्न करवाई गई, जिसके बाद गंगोत्री मां की डोली भव्य शोभायात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना हुई ।

इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संतों ने भाग लिया। गंगोत्री मां की डोली को मुखबा गांव की ओर ले जाया गया, जो सर्दियों में उनकी गद्दीस्थली मानी जाती है। इस यात्रा के दौरान भक्तजन मां गंगा के जयकारों के साथ उत्साह और भक्ति से सराबोर नजर आए।

गंगोत्री धाम उत्तराखंड के चार धामों में से एक है, और इसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहाँ हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माँ गंगा के दर्शन के लिए आते हैं।

वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को भैयादूज पर्व पर दोपहर 12.05 बजे पर बंद होंगे।

यमुनोत्री धाम में भी कपाट बंदी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कल रविवार को यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव के लिए रवाना होगी।

केदारनाथ धाम के कपाट भी कल रविवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

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